Site icon Yashbharat.com

अब ऐसे होगा बीमार जानवरों का इलाज, मप्र में देश का पहला परीक्षण हुआ सफल

0a2ed52d 78ca 43bc 8005 b5c3ebe48fe8

बड़वानी : बीमार तेंदुए के बच्चे का इलाज टेली मेडिसन पद्धति से कर उसे ठीक किया गया। इस पद्धति से इलाज किया जाने वाला देश का यह ऐसा पहला मामला है। अब तक इस पद्धति से सिर्फ इंसानों का ही इलाज किया जाता था।

गौरतलब है कि बड़वानी वनमंडल के पाटी क्षेत्र में 20 दिन पहले वन विभाग को कमजोर हालत में एक तेंदुए का बच्चा (शावक) मिला था। विभाग की टीम ने शावक को वन मंडल लाकर इसकी हालत देखते हुए डॉक्टरों को सूचना दी और इलाज शुरू किया।

इलाज की प्रक्रिया

स्थानीय डॉक्टर्स से जब कुछ न बन सका, तो शावक की नाजुक हालत देखते हुए उसे भोपाल लाया गया। यहां वाइल्ड लाइफ एक्सपर्ट डॉक्टर अतुल गुप्ता ने वीडियो कांफ्रेंसिंग के जरिए शावक का इलाज शुरू किया। शावक का ब्लड सैंपल जबलपुर लैब भेजा जहां रिपोर्ट में पार्वो नामक संक्रमण पाया गया। वहीं, तेज गर्मी से उसके शरीर में पानी की कमी भी पाई गई थी।

पशु चिकित्सक डॉ. बघेल ने बताया कि किसी वन्य प्राणी का टेली मेडिसिन से उपचार कर जान बचाने का यह देश का पहला मामला है। यह प्रयोग सफल सिद्ध हुआ है और आगे जाकर यह काफी कारगार सिद्ध होगा।

वन विभाग एसडीओ मौर्य ने कहा कि टेली मेडिसिन पद्धति से शावक का सफल उपचार हुआ है। यह प्रयोग दूरस्थ जंगलों में बीमार वन्य प्राणियों की जिंदगी बचाने में कारगर सिद्ध होगा। उन्होंने बताया कि शावक अब स्वस्थ हो गया है, अब उच्च अधिकारियों के निर्देशानुसार इसे भोपाल या इंदौर भेजा जाएगा।

Exit mobile version