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अपील दायर करने में देरी से सुप्रीम कोर्ट नाराज, यूपी व कर्नाटक पर 25-25 हजार का जुर्माना

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जस्टिस संजय किशन कौल, जस्टिस दिनेश महेश्वरी और जस्टिस ऋषिकेश राय की पीठ ने दोनों राज्यों द्वारा हाईकोर्ट के फैसले के खिलाफ दायर याचिकाओं को देरी के आधार पर खारिज कर दिया। पीठ ने कहा कि दोनों ही मामलों में राज्य सरकार के पास अपील दायर करने में देरी का कोई ठोस आधार नहीं था।

यूपी सरकार ने 502 दिनों की देरी से अपील दायर की थी जबकि कर्नाटक ने 1288 दिनों के बाद अपील दायर की थी। पीठ ने अपने आदेश में कहा है कि हम लगातार देख रहे हैं कि राज्य सरकार और पब्लिक अथॉरिटी अक्सर देरी से सुप्रीम कोर्ट का दरवाजा खटखटाते हैं। उन्हें इस बात की तनिक भी परवाह नहीं होती है कि नियत समय के भीतर अपील दायर की जाए।

पीठ ने इस बात पर सख्त नाराजगी जताते हुए दोनों ही राज्यों पर 25- 25 हजार रुपये का जुर्माना लगाया। पीठ ने कहा कि अपील दायर करने में देरी के लिए जिम्मेदार अधिकारियों से जुर्माने की रकम वसूली जाए। यूपी सरकार को जुर्माने की रकम चार हफ्ते में सुप्रीम कोर्ट एडवोकेट ऑन रिकॉर्ड कल्याण कोष में जमा करने के लिए कहा गया है।

वहीं कर्नाटक सरकार को जुर्माने की रकम सुप्रीम कोर्ट कर्मचारी कल्याण कोष में जमा करने के लिए कहा गया है। कोर्ट ने कहा है कि हमारे आदेश की प्रति सबंधित राज्यों के मुख्य सचिव को दी जाए। साथ ही यह भी कहा है कि तय समय के भीतर अगर आदेश का पालन नहीं होता है तो मुख्य सचिव के खिलाफ मुकदमा शुरू किया जा सकता है।

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