कटनी। पत्रकारिता के क्षेत्र में पत्रकारों को नित नई चुनौतियों का सामना करना पड़ता है। महिला पत्रकारों के लिए तो यह राह और भी कठिन है। हर क्षेत्र में आज महिलाऐं पुरूषों के साथ कंधे से कंधा मिलाकर चल रहीं हैं, तब मीडिया के क्षेत्र में वे कैसे पीछे रह सकतीं हैं।
वूमंस प्रेस क्लब की परिचर्चा में महिला पत्रकारों के हक, हैसियत और हिफाजत पर परिचर्चा
देश में अनेक महिला पत्रकारों ने मुकाम हासिल किया है। महिला पत्रकार स्वयं को कमजोर न समझें क्योंकि वे स्वयं शोषण के खिलाफ आवाज बुलंद करती हैं और खुद मजबूत महिला के रूप में समाज के सामने आतीं हैं। यह बात वूमंस प्रेस क्लब मध्यप्रदेश द्वारा महिला पत्रकारों के हक, हैसियत और हिफाजत पर आयोजित परिचर्चा में सामाजिक संगठनों और संस्थाओं में सक्रिय महिलाओं ने कही। वूमंस प्रेस क्लब मध्यप्रदेश की अध्यक्ष शीतल राय के निर्देशानुसार आयोजित परिचर्चा में वक्ताओं ने कहा कि महिलाओं को अपने अधिकारों के प्रति और अधिक जागरूक होना पड़ेगा।
प्रारंभ में अतिथियों ने दीप प्रज्जवलित कर परिचर्चा की शुरूआत की। पत्रकार सविता दुबे एंव ऊषा पमनानी के संचालन में आयोजित परिचर्चा में सरावगी महाविद्यालय की उपप्राचार्य एवं हिन्दी लेखिका संघ की अध्यक्ष डॉ. ऊषा पाण्डेय ने कहा कि समय के साथ- साथ सोच बदल रही है। महिलाऐं अब खुद को कमजोर समझना छोड़ दें। पत्रकारिता का क्षेत्र प्रतिष्ठा से जुड़ा हुआ है जिसमें महिलाऐं बेहतर कार्य कर अपना कैरियर बना सकती हैं लेकिन इसके लिए समाज को जागरूक होना पड़ेगा। महिला कांग्रेस की अध्यक्ष श्रीमती रजनी सोनी ने कहा कि हमें व्यवहारिक जिंदगी में भी जनजीवन से जुड़े मुद्दों पर काम करने की आवश्यकता है।
महिला पत्रकार महिलाओं की प्रगति में बाधक बन रही समस्याओं को बेहतर ढंग से प्रस्तुत कर सकतीं हैं। एल्डरमैन शिल्पी सोनी ने कहा कि महिला पत्रकार शासन द्वारा संचालित योजनाओं को भी जनता के सामने लायें ताकि महिलाऐं अपने हक में उनका फायदा ले सकें। उन्होंने कहा कि प्रदेश सरकार ने 12 साल तक की बच्चियों के साथ दुष्कर्म के आरोपियों को फांसी की सजा का जो विधयेक पारित किया है वह नारी जाति की हिफाजत की दिशा में महत्वपूर्ण कदम हैं। परिवार परामर्श केन्द्र से जुड़ीं श्रीमती गीता पाठक ने कहा कि महिलाऐं परिवार की धुरी होती हैं इसलिए पारिवारिक दायित्वों के प्रथम निर्वहन के साथ उन्हें बाहर की दुनिया में सामंजस्य बिठाना पड़ता है। सिटी केबल की न्यूज एंकर मीना चौधरी ने कहा कि मीडिया में महिलाओं के लिए भी स्कोप हैं बशर्ते वे आत्मविश्वास और ज्ञान के साथ आगे बढें़। इसके पहले सविता दुबे एवं ऊषा पमनानी ने वूमंस प्रेस क्लब मध्यप्रदेश के गठन, उद्देश्य और गतिविधियों पर प्रकाश डाला।
कार्यक्रम में वरिष्ठ पत्रकार कृष्णकांत अग्निहोत्री, कवि प्रकाश प्रलय, यशभारत के स्थानीय संपादक आशीष सोनी, सह संपादक आशुतोष शुक्ला, कर्मचारी नेता सरमन तिवारी ने भी अपने विचार रखे। इस मौके पर कल्पना दुबे, ममता गर्ग, शशि दुबे, नीलिमा झा, पिंकी शिवहरे, सुमन सैनी, सर्वधर्म समाज संस्था की अंजू रेखा तिवारी, ब्राह्मण महिला मंडल अध्यक्ष कल्पना दुबे , मीना शुक्ला, शशि दुबे, शांति सोनी, अर्चना सोनी, हीरामणि बरसैया, संगीता जायसवाल सहित बड़ी संख्या में महिलाओं की उपस्थिति रही।

