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अजब नजारा: हाईकोर्ट के आदेश पर हथकड़ी लगाकर बाहर लाए, कराई 17 पीडि़तों के नाम रजिस्ट्री

Madhya Pradesh High Court Indore Bench Order Registry Office accused arrest news in hindi

इंदौर. मध्यप्रदेश हाईकोर्ट की इंदौर खंडपीठ के आदेश के बाद आज इंदौर के रजिस्ट्री कार्यालय में आज  का नजारा ही कुछ अलग रहा, जब पुलिस अधिकारियों की टीम जब एक आरोपी को हथकड़ी लगाकर लाई, जहां पर आरोपी ने हथकड़ी लगे हाथों से 17 पीडि़तों के नाम पर प्लाट की रजिस्ट्री की. आरोपी आरोपी नागपुर की फिनिक्स इंफ्रा कंपनी का डायरेक्टर है. कंपनी ने माकेर्टिंग के जरिए शहर में डवलपर्स के प्लाट बेचे थे. रुपए लेने के बाद लोगों को प्लाट नहीं दिए थे. इस मामले में कंपनी के डायरेक्टर को जेल भेज दिया गया था. हाई कोर्ट की इंदौर खंडपीठ ने 6 दिन पहले पीडि़तों को भूखंड दिलाने का आदेश दिया था. कोर्ट ने आदेश में कहा था कि आरोपी को जेल से बाहर निकाल कर रजिस्ट्री कराई जाए.

बताया जाता है कि डीएस इन्फ्रा, एआर टाउन डवलपर्स कंपनी व भाईजी डवलपर्स ने 2010 में इन टाउनशिप में प्लाट देने के नाम पर लोगों से लाखों रुपए जमा कराए, पूरा रुपया देने के बाद भी प्लाट की रजिस्ट्री कराने के लिए लोग भटकते रहे, टाउनशिप की मार्केटिंग नागपुर की फिनिक्स इन्फ्रा कंपनी ने की थी. प्लाट की रजिस्ट्री न होने पर पीडि़तों ने वर्ष 2016 में कंपनियों के संचालकों के खिलाफ एफआईआर कराई.

जनवरी 2019 में में कोर्ट के आदेश पर मामले की जांच के लिए एसआईटी का गठन किया गया, जिसकी जांच के बाद फिनिक्स इंफ्रा के डायरेक्टर कैलाश मंडपे को गिरफ्तार कर न्यायालय में पेश किया गया, जहां से कैलाश को न्यायिक अभिरक्षा में जेल भेज दिया गया. इस मामले में मध्यप्रदेश हाईकोर्ट की इंदौर खंडपीठ के आदेश पर आज देपालपुर जेल में बंद कैलाश मंडपे को एसआईटी की टीम जेल से निकालकर मोती तबेला रजिस्टार कार्यालय लेकर पहुंची, जहां पर हथकड़ी लगे हाथों से पहुंचे कैलाश मंडपे ने 17 पीडि़तों के नाम पर रजिस्ट्री की. रजिस्ट्रार कार्यालय में कैलाश मंडपे को हथकड़ी में आते देख भीड़ में खड़े लोगों भी हतप्रभ रहे

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