Site icon Yashbharat.com

अजब गजब: इस शख्स को गर्मी में लगती है ठंड, ओढता है 4-5 रजाईयां और ठंड में…

ajab

जहां आज जिले का तापमान 45 डिग्री से ऊपर है और हमे शरीर पर कपड़ा तक अच्छा नहीं लगता, ऐसे में ये शख्स 4 से 5 रजाईयां अपने शरीर पर ओढ़ रखता है और साथ ही जब उसको और ठण्ड लग रही हो तो वो आग जलाकर भी सेकता है.

महेन्दरगढ़।  महेन्दरगढ़ के गांव डेरोली अहीर में एक ऐसा शख्स है जिसके आगे मौसम भी नतमस्तक है.  य डेरोली गांव का रहना वाला संतलाल किसी अजूबे से कम नहीं है. संतलाल पूरे प्रदेश में चर्चा का विषय बना हुआ है. दलित परिवार में जन्मे 58 वर्षीय संतलाल को न तो कोई बिमारी है और न ही आज तक उसे कोई बिमारी हुई.  शोधकर्ता भी उसके सामने फ़ेल हो चुके हैं.

गर्मी में 4 से 5 रजाईयां ओढ़े रहता है ये शख्स

जहां आज जिले का तापमान 45 डिग्री से ऊपर है और हमे शरीर पर कपड़ा तक अच्छा नहीं लगता, ऐसे में ये शख्स 4 से 5 रजाईयां अपने शरीर पर ओढ़ रखता है और साथ ही जब उसको और ठण्ड लग रही हो तो वो आग जलाकर भी सेकता है.

इस पूरी प्रक्रिया के दौरान जहां आम इनसान के पसीने छूट जाते हैं लेकिन संतलाल है कि उसे पसीने की एक बून्द तक भी नहीं आती है, संतलाल ऐसा अजूबा है की उसे सर्दी के मौसम में तो गर्मी लगती है और गर्मी के मौसम में सर्दी.

सर्दी के मौसम में बर्फ की सिल्ली पर लेटता है संतलाल

इस शख्स के आगे मौसम भी हार मान लेता है.  लेकिन सोचिये जब हाड कपा देने वाली ठण्ड होती है उस वक्त यह शक्स बर्फ की शिल्ली पर लेटता है  और सुबह 5बजे उठ कर तालाब में स्नान करता है और सारा दिन वह पानी में ही रहता है.

संतलाल को नहीं है कोई बीमारी

संतलाल ने बताया की वह बचपन से ही ऐसा है.. उसको कभी कोई  बिमारी नहीं हुई.  संतलाल की पुत्र वधु ने बताया कि पिता जी हमे बताते है की जिला प्रशासन भी उसको सम्मानित कर चुका है और उसकी मदद भी की है. बाहर से चिकित्सकों की टीम ने भी आकर उसकी जांच की लेकिन सांच को आंच नहीं वाली कहावत सिद्ध हुई.  संतलाल आगे बताते है की उसने बर्फ पर सबसे ज्यादा लेटने वाले व्यक्ति का रिकॉर्ड भी तोड़ दिया है.  इस शख्स को लोग नाम से कम बल्कि मौसम विभाग के नाम से ज्यादा जानते है.

क्या है डॉक्टरों का कहना  

डिप्टी सीएमओ  अशोक कुमार ने कहा की संतलाल में कोई बिमारी नहीं है. उसके साथ जो भी हो रहा है वह सिर्फ और सिर्फ कुदरत  की देन है. उन्होंने बताया की वह निजी तौर पर संतलाल को जानते है. वह हर साल अस्पताल में आता है और  उसको कोई बिमारी नहीं है.

Exit mobile version