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प्रधानमंत्री कुसुम योजना PMKY : कई राज्‍यों में स्‍थापित होंगे सौर ऊर्जा संयंत्र, किसानों को होंगे ये फायदे

Pradhan Mantri Kusum Yojana PMKY: केन्द्र सरकार की कुसुम योजना के तहत सैकड़ों किसानों को सौर ऊर्जा संयंत्र आवंटित किए गए हैं। राजस्थान देश का पहला राज्य है जिसने किसानों की चयन प्रक्रिया पूर्ण कर ली गई है तथा देश के अन्य राज्यों की अपेक्षा यहां कुसुम योजना में सर्वाधिक क्षमता के सौर संयंत्र स्थापित होंगे। राजस्थान अक्षय ऊर्जा निगम लिमिटेड ने प्रधानमंत्री कुसुम योजना कंपोनेंट-ए के अन्तर्गत प्रदेश के किसानों को सौर ऊर्जा संयंत्र आवंटित किए है। राजस्थान अक्षय ऊर्जा निगम के अध्यक्ष एवं प्रमुख शासन सचिव ऊर्जा अजिताभ शर्मा ने बताया कि निगम द्वारा योजना के प्रथम चरण में वितरण निगमों के 33.11 के.वी. सब-स्टेशनों पर किसानों से विकेन्द्रीकृत सौर ऊर्जा संयंत्र स्थापित करने के लिए प्रस्ताव आमंत्रित किये गये थे, जिसके तहत राज्य के किसानों ने अभूतपूर्व उत्साह दिखाया और कुल 674 किसानों ने 815 मेगावॉट क्षमता के आवेदन दिए। जिसमें से 623 किसानों को 722 मेगावॉट क्षमता के सौर ऊर्जा संयंत्र स्थापित करनेे की प्रक्रिया लगभग पूरी कर ली गई है।

 

क्‍या है कुसुम योजना

किसान उर्जा सुरक्षा और उत्थान महाअभियान (कुसुम) योजना के अंतर्गत केंद्र सरकार ने देशभर में सिंचाई के लिए प्रयुक्‍त होने वाले सभी डीजल/बिजली के पंप को सोलर ऊर्जा से चलाने की योजना की शुरुआत की है। इसमें बाकी रकम केंद्र सरकार किसानों को बैंक खाते में सब्सिडी के तौर पर देती है। कुसुम योजना में बैंक किसानों को लोन के रूप में 30 फीसदी राशि का भुगतान करेंगे।

 

किसानों को यह होंगे लाभ

  • केन्द्र सरकार की कुसुम योजना में राजस्थान के 623 किसान 722 मेगावाॅट क्षमता का सौर उर्जा उत्पादन करेंगे।

  • बंजर और अनुपयोगी जमीन में सोलर प्लांट लगा कर सौर उर्जा उत्पादन करने वाली इस योजना के अंतर्गत किसानों द्वारा स्वयं की अनुपयोगी या बंजर भूमि पर 0.5 से 2 मेगावॉट क्षमता तक के सौर ऊर्जा संयंत्रों की स्थापना की जा सकती है।

 

  • इससे किसानों को उनकी बंजर या अनुपयोगी भूमि से 25 वर्ष तक नियमित आय प्राप्त होगी। इसके साथ ही प्रदेश के किसानों को दिन के समय कृषि कार्य के लिए आसानी से बिजली मिल सकेगी।

  • इसके अतिरिक्त वितरण निगमों की विद्युत छीजत में तथा सिस्टम विस्तार पर होने वाले खर्च में भी कमी होगी।

अब आगे यह होगा

किसानों के द्वारा स्थापित संयंत्रों से उत्पादित विद्युत वितरण कम्पनियों द्वारा 3.14 रूपये प्रति यूनिट की दर से बिजली क्रय की जायेगी। चयनित किसानों एवं विकासकर्ताओं को संयंत्र स्थापित करने में किसी प्रकार की परेशानी ना हो इस के लिए राजस्थान अक्षय ऊर्जा निगम में एक विशेष सहायता प्रकोष्ठ स्थापित किया जायेगा। कोई भी चयनित किसान या विकासकर्ता इस सहायता प्रकोष्ठ से संपर्क कर अपनी समस्या का समाधान करा सकेंगे।

 

1878 मेगावॉट के लिए प्रक्रिया जल्‍द होगी शुरू

शर्मा ने बताया कि राज्य सरकार द्वारा किसानों के हित को ध्यान में रखते हुये बजट घोषणा 2019-20 में कुल 2600 मेगावॉट क्षमता के सौर ऊर्जा संयंत्र किसानों की भूमि पर स्थापित करने का लक्ष्य रखा गया है। यह लक्ष्य आगामी तीन वर्ष में प्राप्त करना प्रस्तावित है। कुसुम योजना अन्तर्गत प्रथम चरण में 722 मेगावॉट के बाद शेष बची 1878 मेगावॉट क्षमता स्थापना के लिए अगले चरण की प्रक्रिया भी जल्द शुरू की जाएगी।

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