भैंसे पर सवार होकर आ रही संक्रांति राजनेताओं के लिए कष्टदायी

रायपुर। छत्तीसगढ़ के ग्रह नक्षत्रों के अनुसार इस बार संक्रांति वनिज करण में प्रवेश कर रही है, जो भैंसे पर सवार होकर आ रही है। इसका उपवाहन ऊंट है। यह तोरण हाथ में लिए और काले वस्त्र धारण किए हुए दही का भक्षण करते हुए महावर का लेपन किए हुए और मदार का फूल हाथों में लिए बैठी अवस्था में आ रही है। संक्रांति काल राजनेताओं के लिए जहां कष्टदायी साबित होगा वहीं पदाधिकारियों और अधिकारी वर्ग को पद से संबंधित दिक्कतें आ सकती हैं। राष्ट्रों के बीच मतभेद बढ़ेंगे और स्थिति आक्रांत हो सकती है।

पिछड़े वर्ग के लिए उन्नति के द्वार खोलेगी

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ज्योतिषी डॉ. दत्तात्रेय होस्केरे के अनुसार इस बार सूर्य त्रयोदशी तिथि रविवार को मूल प्रकृति के ज्येष्ठा नक्षत्र में, वृद्धि योग में, वनिज करण में, 14 जनवरी को मकर राशि में प्रवेश कर रही है, जिसे मकर संक्रांति कहा जाता है। महत्वपूर्ण बात यह है कि इस बार संक्रांति माघ माह में पड़ रही है जिससे संपन्नता, मांगलिक कार्यों में वृद्धि और धनधान्य में संपन्नता आएगी। पिछड़े वर्ग के लोगों के लिए यह उन्नति के द्वार खोलेगी।

पाखंडी लोग सक्रिय रहेंगे

माघ माह के कृष्ण पक्ष में पड़ रही संक्रांति इस बात का संकेत दे रही है कि धर्म के क्षेत्र में जो भी पाखंडी अथवा दुष्कर्मी लोग हैं वो और अधिक सक्रिय होंगे। भोले भाले लोगों को ऐसे पाखंडियों से सावधान रहने की जरूरत है।

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सफेद पदार्थों का उत्पादन बढ़ेगा

सफेद पदार्थ जैसे शक्कर, चावल, चांदी का उत्पादन और पूछपरख बढ़ेगी।

संक्रामक रोगों की अधिकता

एक-दूसरे से तेजी से फैलने वाले संक्रामक रोगों की अधिकता रहेगी।

राजनेताओं में मतभेद

रविवार को संक्रांति काल होना इस बात का संकेत है कि राजनेताओं में आपसी मतभेद बढ़ेंगे। पार्टी के पदाधिकारियों व उच्च स्तरीय शासकीय अधिकारियों के संबंध भी खराब होंगे। इस दिन ज्येष्ठा नक्षत्र का होना इस बात का संकेत दे रहा है कि राजनीतिक उठापटक होगी। जन आक्रोश पनपेगा और अधिकारी वर्ग को पीड़ा होगी।

जमीन लेनदेन करने वालों को परेशानी

साथ ही वृषभ लग्न भी है जो स्थिर प्रकृति का है, इसके प्रभाव से कृषकों व जमीन का लेनदेन करने वालों को परेशानी आएगी।

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पुण्य काल

संक्रांति दोपहर 1.47 बजे के बाद प्रवेश कर रही है, इसलिए दिनभर पुण्यकाल रहेगा।

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