छोटे कारोबारियों को केन्द्र सरकार ने एक और झटका

नई दिल्ली। नोटबंदी और जी.एस.टी. के बाद छोटे कारोबारियों को केन्द्र सरकार ने एक और झटका दिया है। सरकार ने छोटे कारोबारियों को दी जाने वाली क्रैडिट लिंक्ड कैपिटल सबसिडी स्कीम बंद कर दी है। बताया जा रहा है कि सरकार पर बैंकों की लगभग 1300 करोड़ रुपए की देनदारी है इसलिए इस स्कीम को बंद किया गया है। हालांकि सरकार कह रही है कि स्कीम का रिव्यू किया जा रहा है और इसे शुरू किया जाएगा। इससे उलट सरकार पिछले 9 महीने से इस स्कीम के लिए कोई एप्लीकेशन तक नहीं ले रही है।

स्कीम शुरू होने की उम्मीद
फैडरेशन ऑफ इंडियन माइक्रो, स्माल एंड मीडियम एंटरप्राइजेज (फिस्मे) के महासचिव अनिल भारद्वाज ने बताया कि इस बारे में मिनिस्ट्री में बात हुई है। अधिकारियों ने कहा है कि स्कीम को दोबारा चालू किया जाएगा। उन्होंने उम्मीद जताई कि स्कीम जल्द ही शुरू हो जाएगी।

इसे भी पढ़ें-  अल-क़ायदा दे रहा भारतीय डॉक्टरर्स को हिदायतें, जिहादी तैयार करने बांट रहा है हिन्दी, तमिल और बांग्ला सामग्री

क्या थी स्कीम
केन्द्र सरकार के मिनिस्ट्री ऑफ  माइक्रो, स्माल एंड मीडियम एंटरप्राइजेज (एम.एस.एम.ई.) ने 2000-01 में क्रैडिट लिंक्ड कैपिटल सबसिडी स्कीम फार टैक्नोलॉजी अपग्रेडेशन शुरू की थी। इस स्कीम के तहत एम.एस.एम.ई. को 1 करोड़ रुपए तक का लोन लेने पर 15 प्रतिशत (15 लाख रुपए) की सबसिडी दी जाती थी। यह लोन उन कारोबारियों को दिया जाता था जो अपने कारोबार को बढ़ाने के लिए टैक्नोलॉजी को अपग्रेड करते थे। इस स्कीम का फायदा पहले से आइडैंटीफाई 51 प्रोडक्ट्स और सब-सैक्टर्स को दिया जा रहा था।

क्यों बंद हुई स्कीम
एक वरिष्ठ अधिकारी ने नाम न छापने की शर्त पर बताया कि दरअसल पिछले कई वर्षों से बैंकों को सबसिडी का पैसा नहीं दिया जा रहा था। बैंकों का मिनिस्ट्री ऑफ  एम.एस.एम.ई. पर करीब 1300 करोड़ रुपए बकाया हो चुका है। ऐसे में जब पूरी मिनिस्ट्री का बजट ही 3000 से 4000 करोड़ रुपए के बीच होता है तो मिनिस्ट्री इतना पैसा कहां से दे। इस वजह से इस स्कीम को बंद करने का फैसला लिया गया। उन्होंने कहा कि स्कीम दोबारा शुरू होने की उम्मीद कम ही है।

इसे भी पढ़ें-  कर्नाटक : कुमारस्वामी ने 117 वोटों से जीता विश्वास मत, भाजपा का वॉकआउट

क्या होता था फायदा
छोटे कारोबारियों के लिए यह स्कीम बेहद फायदेमंद थी। जो कारोबारी अपने प्रोडक्ट्स या सॢवस को अपग्रेड करने के लिए टैक्नोलॉजी पर इन्वैस्टमैंट करता था वह अगर लोन लेता था तो उसे 15 प्रतिशत तक सबसिडी मिल जाती थी। मिनिस्ट्री ऑफ एम.एस.एम.ई. की एनुअल रिपोर्ट 2016-17 के मुताबिक क्रैडिट लिंक्ड कैपिटल सबसिडी स्कीम के तहत 2014 से 2016 (31 दिसम्बर, 2016 तक) के दौरान 15,684 कारोबारियों को 987.72 करोड़ रुपए की सबसिडी रिलीज की गई।

Leave a Reply