सरकार ने दी कपड़ा क्षेत्र के लिए 1,300 करोड़ रुपये की कौशल विकास योजना को मंजूरी

नयी दिल्ली। केंद्रीय मंत्रिमंडल ने 1,300 करोड़ रुपये की एक नई कौशल विकास योजना को मंजूरी दी है। इस योजना का मकसद संगठित कपड़ा और संबद्ध क्षेत्रों में रोजगार सृजन करना है।

 

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की अध्यक्षता में यहां हुई मंत्रिमंडल की आर्थिक मामलों की समिति :सीसीईए: की बैठक में यह फैसला किया गया। इस योजना के दायरे में कताई और बुनाई को छोड़कर संगठित क्षेत्र की समूची मूल्य श्रृंखला आएगी।

एक आधिकारिक बयान में कहा गया है कि योजना के तहत करीब 10 लाख लोगों को कपड़ा क्षेत्र से जुड़े विभिन्न खंडों का कौशल प्रदान किया जाएगा और उन्हें प्रमाणपत्र दिया जाएगा। बयान में कहा गया है कि कम से कम 70 प्रतिशत प्रमाणपत्र पाने वाले प्रशिक्षु को वेतन भी दिया जायेगा। योजना के तहत प्लेसमेंट के बाद की निगरानी अनिवार्य होगी।

इसे भी पढ़ें-  जाधव के बयान पर बवाल: स्वामी बोले-खत्म हो संसद सदस्यता

बयान में कहा गया है कि केंद्रीय मंत्रिमंडल ने कताई और बुनाई को छोड़कर संगठित कपड़ा क्षेत्र की समूची मूल्य श्रृंखला के लिए एक नई कौशल विकास योजना को मंजूरी दी है। इस योजना का नाम ‘क्षमता निर्माण की योजना’ है।

योजना के तहत राष्ट्रीय कौशल पात्रता रूपरेखा अनुकूल प्रशिक्षण पाठ्यक्रम होगा। इसके लिए वित्तपोषण नियम कौशल विकास एवं उद्यमिता मंत्रालय द्वारा अधिसूचित सामान्य नियमों की तरह होंगे।

बयान में कहा गया है कि योजना का उद्देश्य मांग आधारित, रोजगारोन्मुख कौशल कार्यक्रम प्रदान करना है। इससे संगठित कपड़ा और संबद्ध क्षेत्रों में उद्योग के रोजगार सृजन के प्रयासों को बल मिल सकेगा। कौशल कार्यक्रमों का क्रियान्वयन कपड़ा उद्योग-इकाइयों के जरिये किया जाएगा जिससे उनकी श्रमबल की इन-हाउस जरूरत को पूरा किया जा सके।

Leave a Reply