विजय रुपाणी ने 141 करोड़ के आसामी इंद्रनील को दी मात

राजनीतिक डेस्क। गुजरात चुनावों में कांग्रेस ने राजकोट वेस्ट से इंद्रनील राजगुरु को टिकट दिया था। इंद्रनील इस कारण भी चर्चा में रहे कि ये इस चुनाव में किस्मत आजमाने वाले सबसे धनी प्रत्याशी थे। उनके पास कुल 141.22 करोड़ कुल सम्पत्ति है।

इंद्रनील का सामना भाजपा के मुख्यमंत्री विजय रुपाणी से था। शुरुआती रुझानों में रुपाणी पीछे चल रहे थे, लेकिन इस सीट का चुनाव परिणाम आ गया है और इंद्रनील 25,000 वोटों से ज्यादा वोटों से हार गए हैं।

 

बसपा के सोमाभाई परमार के अलावा 12 अन्य प्रत्याशी भी यहां से चुनाव मैदान में थे। पहले चरण में हुए मतदान में 3,14,696 मतदाताओं वाली इस सीट पर 70 फीसदी वोट पड़े थे।

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सम्पत्ति के मामले में तो रुपाणी (9 करोड़ रुपए), इंद्रनील के आसपास भी नजर नहीं आते। हालांकि दोनों की क्षैक्षणिक योग्यता में भी बहुत फर्क है। 61 वर्षीय रुपाणी जहां ग्रेजुएट हैं, वहीं 51 वर्षीय इंद्रनील 12वीं पास हैं।

होटल व्यवसायी इंद्रनील महंगी कारों का शौक रखते हैं। उनके पास साढ़े पांच करोड़ से अधिक कीमत के 13 वाहन हैं, जिनमें कई महंगी लग्जरी कारें हैं। इनमें लेम्बोर्गिनी जैसी महंगी कार भी शामिल है।

मतदान से पहले जहां रुपाणी ने शिव मंदिर में माथा टेका था, वहीं इंद्रनील ने अपने घर और कांग्रेस दफ्तर में 51 पंडितों से विष्णु भगवान की विशेष पूजा करवाई थी। वैसे तो यह सीट भाजपा के लिए सुरक्षित मानी जाती है और 1985 से यहां उसका दबदबा है, लेकिन इस चुनावों में सबसे अलग बात यह रही कि मौजूदा मतदाताओं में से आधे 1985 के बाद पैदा हुए हैं।

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राजकोट वेस्ट सीट का इतिहास-

कांग्रेस यहां सिर्फ एक बार जीती है। 1972 में प्रद्युम्न सिंह ने केशवभाई पटेल को हराया था। 1985 से 2012 तक यहां वेजूभाई वाला भाजपा विधायक रहे। तब इस सीट को राजकोट-2 के नाम से जाना जाता था। हालांकि 2002 के उपचुनाव में उन्होंने नरेंद्र मोदी के लिए यह सीट खाली कर दी थी, लेकिन मोदी के मणिनगर सीट पर चले जाने के बाद 2012 में वे फिर यहां से विधायक रहे। 2014 में वेजूभाई को कर्नाटक का राज्यपाल बना दिया गया तो उपचुनाव हुए और विजय रुपाणी विधायक चुने गए।

ये सौराष्ट्र की सबसे बड़ी सीट है। तीन लाख से ज्यादा वोटर हैं। जहां तक जाति समीकरण का सवाल है, यहां 42,000 कड़वा पटेल, 33,000 लेउवा पटेल, 25,000 ब्राह्मण, 35,000 क्षत्रिय, 25,000 बनिया और 10,000 जैन मतदाता हैं।

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