विदेशी भाषा पर पकड़ बनाने के लिए विश्वविद्यालय में बनाएंगे प्रयोगशाला

इंदौर। विदेशी कंपनियों में नौकरी करने की चाह रखने वाले विद्यार्थियों के लिए अच्छी खबर है। देवी अहिल्या विश्वविद्यालय जल्द ही भाषा प्रयोगशाला (लैग्वेज लैब) बनाने जा रही है। इसमें विद्यार्थियों को विदेशी भाषा सिखाई जाएगी, ताकि वे आसानी से विदेशी कंपनियों में नौकरियां हासिल कर सके। रूसा के तहत इस योजना को मंजूरी मिल चुकी है। विश्वविद्यालय के अधिकारियों की मानें तो अगले सत्र तक यह प्रयोगशाला तैयार हो जाएगी। इसके लिए कम्प्यूटर और सॉफ्टवेयर भी खरीदे जाएंगे।

विश्वविद्यालय ने बीते दिनों रूसा में मिले अनुदान राशि को खर्च करने के लिए कई योजना बनाई थी, जिसमें भाषाई प्रयोगशाला भी शामिल थी। अब इसकी विस्तृत योजना रिपोर्ट बनाकर उच्च शिक्षा विभाग को भेजी जाएगी। अधिकारियों की मानें तो इन दिनों विदेशों में नौकरियों के काफी अवसर मिल रहे हैं, लेकिन यहां के विद्यार्थियों को भाषा का ज्ञान नहीं होने से काम करने में दिक्कतें आ रही है। इसे देखते हुए अब विद्यार्थियों को चाइनीज, जर्मनी, फ्रेंच और अंग्रेजी भाषाएं सिखाई जाएंगी। प्रयोगशाला के लिए स्थान तय होना बाकी है।

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सूत्रों की मानें तो 75 लाख रुपए से कम्प्यूटर सिस्टम खरीदे जाएंगे। इसकी फाइल अगले महीने विश्वविद्यालय के अधिकारियों को भेजी जाएगी।

कम्प्यूटर आधारित होगी पढ़ाई

इस प्रयोगशाला में भाषाओं पर पकड़ बनाने के लिए विद्यार्थियों को कम्प्यूटर आधारित पढ़ाई करवाई जाएगी। बाकायदा इसके लिए सॉफ्टवेयर भी खरीदे जाएंगे, जिसमें अनुवाद, उच्चारण और भाषा के मूल (बेसिक) के बारे में बताया जाएगा। फिलहाल अंग्रेजी, जर्मनी और फ्रेंच भाषाओं को प्राथमिकता दी जा रही है।

नहीं शुरू हुई विदेशी भाषा की कक्षाएं

दो साल पहले विश्वविद्यालय के स्कूल ऑफ लैग्वेज में विदेशी भाषा पढ़ाने की कवायद की गई थी, लेकिन शिक्षकों की कमी के चलते विभाग में इसकी कक्षाएं आज तक शुरू नहीं हो पाई, जबकि 30-30 विद्यार्थियों ने जर्मनी और फ्रेंच भाषाओं में रजिस्ट्रेशन करवा लिया था। बाकायदा इसके लिए यूजीसी से भी बजट मांगा गया था।

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