भावुक सोनिया ने कहा- 20 साल पहले भाषण देते कांप रहे थे हाथ

नई दिल्ली: कांग्रेस अध्यक्ष सोनिया गांधी ने आज कहा कि देश के समक्ष वर्तमान समय में इतनी बड़ी-बड़ी चुनौतियों हैं जितनी पहले कभी नहीं रहीं और उन्हें उम्मीद है कि पार्टी का नया नेतृत्व तथा नया जोश इन चुनौतियों से निपटने में सक्षम होगा।

नवनिर्वाचित कांग्रेस अध्यक्ष राहुल गांधी को पार्टी की कमान सौंपने के लिए यहां आयोजित समारोह में गांधी ने कहा कि पूर्व प्रधानमंत्री इंदिरा गांधी और पूर्व प्रधानमंत्री राजीव गांधी के बलिदान को सार्थक बनाने के लिए 20 साल पहले जब उन्होंने कांग्रेस की बागडोर संभाली थी उस समय भी पार्टी के समक्ष कई बड़ी चुनौतियां थीं, लेकिन आज देश उनसे भी बड़ी चुनौतियों का सामना कर रहा है।

 कार्यकर्ताओं की मदद से पार्टी को किया मजबूत
उन्होंने कहा कि उन्हें राहुल के धैर्य पर विश्वास है और वह पार्टी को सक्षमता के साथ आगे बढ़ाएंगे। गांधी ने कहा कि उनके पति और पूर्व प्रधानमंत्री राजीव गांधी की हत्या के बाद वह अपने परिवार को राजनीति से दूर रखना चाहती थीं। लेकिन, देश के समक्ष जो चुनौतियां पैदा हो गयी थीं वह इंदिरा गांधी और राजीव गांधी के उसूलों के विरुद्ध थीं। उन चुनौतियों से लडऩे के लिए वह राजनीति में आईं और पार्टी अध्यक्ष का पद संभाला। इसके साथ ही उन्होंने कहा कि सोनिया ने कहा, ‘इंदिरा जी ने मुझे बेटी की तरह अपनाया। 1984 में उनकी हत्या हुई। मुझे ऐसा महसूस हुआ, जैसे मेरी मां मुझसे छीन ली गई। कांग्रेस कार्यकर्ताओं की मदद से पार्टी को मजबूत किया और कई राज्यों में उसकी सरकार बनी।   गांधी ने कहा कि कांग्रेस नेतृत्व वाली संयुक्त प्रगतिशील सरकार ने देश के सभी वर्गों को आगे बढ़ाने के लिए तत्कालीन प्रधानमंत्री डॉ. मनमोहन सिंह के नेतृत्व में मनरेगा जैसी कई महत्पूर्ण योजनाएं शुरू की और कई प्रभावशाली कानून बनाए जिस पर उन्हें फख्र है।

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कांगेस का मकसद देश की रक्षा करना
उन्होंने कहा कि वह राहुल गांधी के जोश को समझती हैं। हाल के दिनों में राहुल पर हुए व्यक्तिगत हमलों ने उन्हें और मजबूत तथा निडर बनाया है और उन्हें पूरा भरोसा है कि वह इन चुनौतियों का डटकर मुकाबला कर सकेंगे। गांधी ने कहा कि वह कांग्रेस कार्यकर्ताओं के जोश को भी जानती हैं और जो बेमिसाल है। वे देश के लिए संघर्ष करने को तैयार हैं। वे झुकेंगे नहीं, पीछे हटेंगे नहीं क्योंकि कांगेस का मकसद देश और इसके मूल्यों की रक्षा करना है। गांधी ने कहा कि आज देश के बुनियादी वसूलों पर नियमित हमले हो रहे हैं। हमारी विरासत और संस्कृति को कमजोर किया जा रहा है। पूरे देश में भय का माहौल है। उन्होंने कहा इस माहौल में कांग्रेस को अंतरमन में झांककर काम करना होगा और पार्टी कार्यकर्ताओं को एक नैतिक लड़ाई जीतने के लिए बलिदान तथा त्याग के लिए तैयार रहना पड़ेगा।

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