भारत के खिलाफ पहला टेस्ट खेलेगा अफगानिस्तान

बीजिंग। भारत में नरेंद्र मोदी सरकार के “स्वच्छ भारत”अभियान से प्रेरित होकर चीन ने भी अपने देश में शौचालयों के निर्माण और सुधार पर ध्यान देना शुरू किया है। उसे समझ आ गया है कि अगर देश में पर्यटन को बढ़ावा देना है, तो सार्वजनिक शौचालयों के स्तर और संख्या में इजाफा करना होगा।

दरअसल, चीन के ज्यादातर पर्यटन स्थलों के सार्वजनिक शौचालयों की छवि सैलानियों के बीच काफी खराब है। यहां टूरिस्ट अक्सर नाकाफी और गंदे टॉयलेट के अलावा सफाईकर्मियों की कमी की शिकायत भी करते हैं। 2015 में शुरुवातचीन के राष्ट्रपति शी जिनपिंग ने 2015 से पर्यटन क्षेत्र में “शौचालय क्रांति” की शुरुआत की।

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तब से चीन के पर्यटन उद्योग ने 68,000 शौचालयों की मरम्मत और सुधार किया गया है। इससे पर्यटन को बढ़ावा मिला। जिनपिंग ने अब कहा है कि पिछले दो साल में इस दिशा में जो काम हुए हैं, उन्हें जारी रखने की जरूरत है। चीन के पर्यटन स्थलों, शहरों से गांवों तक, शौचालयों की संख्या से गुणवत्ता तक का ध्यान रखा जा रहा है।

चीन के राष्ट्रीय पर्यटन प्रशासन ने वर्ष 2018 से 2020 तक देशभर के पर्यटन स्थलों पर 64,000 शौचालयों के निर्माण और सुधार के लिए पिछले महीने और एक योजना शुरू की। चीन की नई नीति के तहत शौचालयों को सुधारने के लिए एड़ी चोटी का जोर लगाया जा रहा है।कैप्शन चीन के दक्षिण-पश्चिम में स्थित गुईजाऊ इलाके की एनलांग काउंटी के एक पार्क में पर्यटकों को ध्यान में रख आकर्षक शौचालय बनाए गए हैं।

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