ई-पालिकाः 5 हजार प्रकरणों का निराकरण कर प्रदेश में पहले पायदान पर पहुंचा जबलपुर , कटनी सूची से हुआ बाहर

जबलपुर। प्रदेश सरकार द्वारा सभी नगरीय निकायों के लिए शुरू की गई ई-नगर पालिका पोर्टल सेवा के उपयोग में जबलपुर पूरे प्रदेश में पहले पायदान पर पहुंच गया है। जबलपुर में इस पोर्टल के माध्यम से 5 हजार फाइलों का निराकरण किया है। छिंदवाड़ा दूसरे स्थान पर है। वहीं इंदौर और भोपाल जैसे शहर टॉप 10 की सूची से ही गायब हैं।वहीं कटनी का तो इस सूची में कहीं नाम ही नही। इ

नगर निगम में अब कोई भी काम सीधे नहीं हो रहा है। चाहे वह फाइलों का निराकरण हो या फिर किसी भी प्रकार का भुगतान, इसके लिए

सरकार ने एक अप्रैल 2017 से ई-नगर पालिका पोर्टल शुरू किया है, ताकि सेंट्रलाइज मॉनीटरिंग की जा सके। इस व्यवस्था को पटरी में आने में ही करीब 3 से 4 माह का समय लग गया, लेकिन उसके बाद जबलपुर ने जब रफ्तार पकड़ी तो सभी को पीछे छोड़ दिया है। जबलपुर नगर निगम 8 माह की अवधि में ही ई-पोर्टल के माध्यम से 5 हजार 329 फाइलों को निबटा चुका है। जिनके माध्यम से 129 करोड़ रुपए के भुगतान भी हो चुके हैं। इसमें कर्मचारियों के वेतन से लेकर ठेकेदारों के भुगतान तक सभी प्रकार के मामले हैं।

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क्या है प्रक्रिया

नगर निगम में अब कोई भी फाइल का निराकरण सीधे नहीं होता है। फाइल का ऑडिट होने के बाद उसे ई-पोर्टल में चढ़ाया जा रहा है। इसके बाद ही भुगतान हो रहे हैं। इसके अलावा कर्मचारियों का वेतन, पेंशन और अन्य भुगतान भी इसी पोर्टल के माध्यम से हो रहे हैं।

दूसरे नंबर पर छिंदवाड़ा

ई-नगर पालिका पोर्टल के उपयोग में जबलपुर के बाद दूसरे नंबर पर छिंदवाड़ा है जिसने अभी तक 2 हजार 411 फाइल इसके माध्यम से निबटाई है। वहीं भोपाल और इंदौर का आंकड़ा अभी एक हजार पर भी नहीं पहुंच पाया है जबकि सभी को इस पोर्टल के माध्यम से ही भुगतान करना है।

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ये सेवाएं भी जुड़ीं

सीआरएम (कस्टमर रिलेशनशिप मैनेजमेंट) के तहत

– विवाह पंजीयन

– जन्म-मृत्यु प्रमाण पत्र

– सभी प्रकार की शिकायतें

– आवेदन

– पेड़ काटने या लगाने की अनुमति

– शव वाहन और टैंकर बुक करने की सेवाएं

– राजस्व और जलविभाग को अभी इससे अलग रखा गया है

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