सामाजिक सरोकारों से जुड़े विषयों में होगा यूजी और पीजी

भोपाल। उच्च शिक्षा विभाग सामाजिक सरोकारों से जुड़े पाठ्यक्रम शुरू करेगा। इसमें स्नातक और स्नातकोत्तर स्तर के पाठ्यक्रम शामिल होंगे। बीआर अंबेडकर सामाजिक विज्ञान विश्वविद्यालय महू इसकी शुरुआत कर रहा है। सभी जिलों में पाठ्यक्रम शुरू करने कम्युनिटी सेंटर भी खोले जाएंगे। गुस्र्वार को उच्च शिक्षा विभाग की समीक्षा बैठक में अपर मुख्य सचिव बीआर नायडू ने यह बात कही।

नायडू ने कहा अगर समाज में बदलाव लाना है तो लोगों में नेतृत्व क्षमता का विकास करना जरूरी है। इसके लिए सोशल सेक्टर मैनेजर तैयार किए जाएंगे। विवि ‘कम्युनिटी लीडरशिप एंड सस्टेनबल डेवलपमेंट” से जुड़े कोर्स शुरू कर रहा है।

ये ऐसे पाठ्यक्रम हैं जिससे ग्रामीण क्षेत्रों का विकास होगा और वहां की संभावनाओं को पहचान कर रोजगार के अवसर पैदा होंगे। कम्युनिटी लीडरशिप से संबंधित पाठ्यक्रम को पढ़ाने के लिए 100 प्रोफेसर रखे जाएंगे। प्रत्येक जिले में दो प्रोफेसर होंगे।

नायडू ने कहा अभी हर जिले में कम्युनिटी सेंटर नहीं हैं, इसलिए वर्तमान में जो कॉलेज हैं वहां दो बजे के बाद अध्ययन कार्य किया जाएगा। यहां एमए इन कम्युनिटी लीडरशिप एंड सस्टेनेबल डेवलपमेंट की कक्षाएं लगेंगी। इसी के साथ चार वर्षीय बीए ऑनर्स का कोर्स भी शुरू किया जाएगा। इसमें सिविल सेवा परीक्षाओं की तैयारी भी करवाई जाएगी।

हर जिले में होंगी 100 सीटें

बैठक में जानकारी दी गई कि प्रत्येक जिल में कम्युनिटी सेंटर खोले जाएंगे। हर जिले में 100 सीटें निर्धारित की गई हैं। यहां सामाजिक सरोकरों से जुड़े पाठ्यक्रम पढ़ाए जाएंगे। छात्र गांव में जाकर ही रोजगार के अवसर पैदा करें, लोगों को जागरूक करें और आगे बढ़ने की प्रेरणा दें इस तरह से कोर्स को डिजाइन किया गया है। कम्युनिटी लीडरशिप कोर्स में छात्रों को असाइनमेंट दिए जाएंगे। गांव में जाकर ही इन्हें पूरा करना होगा। हर क्षेत्र की अपनी समस्याएं होती हैं। इस तरह से वहां की वास्तविक स्थिति भी पता चलेगी।

एमफिल और पीएचडी भी

कम्युनिटी लीडरशिप पाठ्यक्रम में एमफिल और पीएचडी भी शुरू की जाएगी। इसी के साथ एनएसएस को वैकल्पिक विषय के रूप में भी शामिल किया जाएगा। इस दौरान नायडू ने शिक्षकों पर तंज कसते हुए कहा ‘आप भी अपना दायित्व भूल गए हैं। उन्होंने कहा कि वे यह आरोप नहीं लगा रहे पर शिक्षकों का वह सम्मान नहीं रहा।” बैठक में बताया गया कि यह कोर्स हिंदी और इंग्लिश में होंगे। लेकिन हिंदी पर ज्यादा फोकस रहेगा ताकि छात्रों के सामने भाषा की दिक्कत न आए।

पटवारी के लिए दस लाख आवेदन, शर्म से सिर झुकता है : मंडलोई

बैठक में उच्च शिक्षा आयुक्त नीरज मंडलाई ने कहा कि पटवारी की परीक्षा के लिए दस लाख आवेदन आए हैं। इसमें पीएचडी, एमफिल साहित उच्च शिक्षित युवा शामिल हैं। वाकई यह शर्म से सिर झुकाने वाली बात है। उन्होंने कहा कि वे कम्युनिटी लीडरशिप को क्रांति के रूप में देखते हैं। इससे युवा स्वयं को खुद के रोजगार से जोड़ सकेगा।

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *