भारत-बांग्लादेश सीमा पर बनेगा ‘बॉर्डर प्रोटेक्शन ग्रिड’

कोलकाता। उग्रवाद प्रभावित राज्यों के लिए गठित यूनीफाइड कमांड की तर्ज पर केंद्र अब बांग्लादेश से सटे देश के पूर्वी राज्यों में बांग्लादेश से घुसपैठ रोकने के लिए बॉर्डर सुरक्षा ग्रिड गठित करने की योजना बना रहा है। केंद्रीय गृहमंत्री राजनाथ सिंह ने गुरुवार को कोलकाता में पश्चिम बंगाल के राज्य सचिवालय में मुख्यमंत्रियों व वरिष्ठ अधिकारियों की बैठक के बाद इसकी जानकारी दी।

इस बैठक में पश्चिम बंगाल, असम, मिजोरम, मेघालय एवं त्रिपुरा के मुख्यमंत्रियों को बुलाया गया था, लेकिन मेघालय व त्रिपुरा के सीएम बैठक में नहीं पहुंचे। इस बैठक में बांग्लादेश की सीमा पर सुरक्षा को लेकर विस्तृत चर्चा की गई। इसमें घुसपैठ, तस्करी समेत सभी गैरकानूनी गतिविधियों को बंद करने के उपायों पर चर्चा की गई।

राजनाथ ने बैठक के बाद संवाददाता सम्मेलन में कहा कि बॉर्डर सुरक्षा ग्रिड के तहत फिजिकल बैरियर्स (फेंसिंग), नॉन-फिजिकल बैरियर्स (रडार, कैमरा, लेजर, नाइट विजन कैमरा) स्थापित किया जाएगा जो राज्यों के मुख्य सचिव की निगरानी में सुरक्षा का कार्य देखेगा। इस ग्रिड में इंटेलीजेंस एजेंसी, राज्य पुलिस, बीएसएफ एवं राज्यों व केंद्र की अन्य एजेंसियां शामिल रहेंगी।

गौरतलब है कि भारत-बांग्लादेश की सीमा 4036 किलोमीटर तक फैली हुई है। केंद्रीय गृहमंत्री इससे पहले पाकिस्तान, चीन एवं म्यांमार से सटी सीमाओं वाले राज्यों के मुख्यमंत्रियों के साथ बैठक कर चुके हैं।

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