पूर्व मंत्री अनिल माधव दवे समेत दो भारतीयों को यूएन का ओजोन अवार्ड

नई दिल्ली। पृथ्वी को हानिकारक पराबैंगनी किरणों (अल्ट्रावॉयलेट रेज) से बचाने वाली ओजोन परत के संरक्षण की दिशा में उल्लेखनीय काम करने वाले दो भारतीयों को संयुक्त राष्ट्र के प्रतिष्ठित ‘ओजोन अवार्ड’ से सम्मानित किया गया है। इसमें पूर्व पर्यावरण राज्य मंत्री (स्वतंत्र प्रभार) दिवंगत अनिल माधव दवे भी शामिल हैं। सेंटर फॉर साइंस एंड एनवायरनमेंट (सीएसई) के उपनिदेशक चंद्र भूषण को भी सम्मानित किया गया।

मांट्रियल प्रोटोकॉल के तीस वर्ष पूरा होने के मौके पर संयुक्त राष्ट्र पर्यावरण कार्यक्रम की ओर से कनाडा में आयोजित कार्यक्रम में यह अवार्ड दिया गया। दवे को ‘राजनीतिक नेतृत्व’ की श्रेणी में मरणोपरांत यह सम्मान दिया गया। किगाली संशोधन (रवांडा, अक्टूबर, 2016) को अंजाम तक पहुंचाने में उनकी भूमिका की सराहना की गई।

पूर्व मंत्री का मई में निधन हो गया था। सीएसई के उपनिदेशक चंद्र भूषण को ‘पार्टनरशिप’ श्रेणी में सम्मानित किया गया। सीएसई की ‘डाउन टू अर्थ’ पत्रिका को ‘बेस्ट मीडिया कवरेज’ की श्रेणी में सम्मान दिया गया।

पर्यावरण मंत्री हर्षवर्धन ने ट्वीट कर पूर्व मंत्री दवे को ओजोन अवार्ड से सम्मानित करने को भारत के लिए गर्व की बात बताया है।

Matter of great pride for India as Late Shri Anil Madhav Dave, the then Hon’ble Minister of State (independent charge) environment, forest and climate change, GoI was given the “Ozone Award” posthumously

The award was given under the ‘Political Leadership’ category for the Leadership provided by India during the Kigali Amendment Negotiations on the 30th anniversary of the Montreal protocol

The ozone secretariat, in cooperation with Government of Canada, hosted the Award distribution ceremony on 23rd November 2017.

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