सत्र शुरू होने के पांच महीने बाद भी नहीं मिली स्टूडेंटस को साइकिल

जबलपुर। नया शैक्षणिक सत्र शुरू हुए पांच महीने हो गए लेकिन सरकारी स्कूलों में पढ़ने वाले स्टूडेंट को साइकिल मिलना तो दूर अब तक वेरीफिकेशन नहीं हो पाया। इससे स्टूडेंट या तो पैदल या फिर किराया चुकाकर स्कूल पहुंच रहे हैं। फिर भी शिक्षा विभाग का ध्यान इस ओर नहीं है।
सरकारी स्कूल में छठी और नौवीं में प्रवेश लेने वाले स्टूडेंट को सरकार द्वारा साइकिलें दी जाती हैं। 1 जुलाई से नया शैक्षणिक सत्र शुरू हो गया है। नए प्रवेशित छात्रों को अब तक साइकिलें मिल जाना थीं लेकिन अभी भी कई स्कूलों का वेरीफिकेशन चल रहा है। वेरीफिकेशन पूरा होने के बाद ये पात्र माने जाएंगे। इसके बाद साइकिलें मिलेगी।
रोज15 रुपए खर्च कर स्कूल पहुंच रहे हैं- करमदीके उर्मिला भूरिया एवं प्रियंका चौहान ने बताया साइकिल नहीं है। स्कूल रतलाम में है जो पांच किमी दूर है। मैजिक से स्कूल आ-जा रहे हैं। इसमें आने-जाने में रोज 15 रुपए खर्च हो रहे हैं। स्कूल में पूछा तो बताया अभी साइकिल नहीं आई है। यदि मैजिक में नहीं बैठे तो स्कूल जाने में दो घंटे लगेंगे। आखिर साइकिल क्यों नहीं दी जा रही है। करमदी विकास समिति के जितेंद्र राव ने बताया करमदी, तीतरी, मथुरी सहित अन्य गांवों के बच्चों को अब तक साइकिलें नहीं मिली हैं। गांव से हायर सेकंडरी स्कूल पांच किमी दूर है। इससे सभी को दिक्कत रही है।
भोपाल से आएंगी साइकिलें
प्रभारीडीईओ रामेश्वर चौहान ने बताया अभी पोर्टल पर जानकारी दर्ज कर रहे हैं। इसके बाद जो पात्र होगा उसे साइकिलें दी जाएंगी। साइकिलें भोपाल से आएंगी। जैसे ही आएंगी, वितरण शुरू कर देंगे। साइकिलें जल्द आने की संभावना है।
स्कूल खुलने के साथ ही बच्चों को मिलना थी साइकिलें
साइकिल मिलना तो दूर अब तक वेरीफिकेशन भी नहीं हो पाया है

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