कलेक्टर गाइडलाइन से कम पर रजिस्ट्री पेश करते हैं तो बकाया स्टाम्प शुल्क की राशि पर हर माह दो प्रतिशत ब्याज चुकाना होगा

यदिआप कलेक्टर गाइडलाइन से कम पर रजिस्ट्री पेश करते हैं तो बकाया स्टाम्प शुल्क की राशि पर हर माह दो प्रतिशत ब्याज चुकाना होगा। इतना ही नहीं यदि मकान है और उपभोक्ता प्लॉट बताकर रजिस्ट्री करा लेता है तो ई-रजिस्ट्री के बाद स्पॉट वेरीफिकेशन में जो भी अंतर होगा, वह ब्याज समेत चुकाना पडेगा। यह व्यवस्था 23 अक्टूबर के बाद कराई जा रही रजिस्ट्री पर लागू की जाएगी। पुरानी बकाया प्रॉपर्टी पर स्टाम्प की बकाया ड्यूटी नहीं चुकाने वाले बकायादारों को सरकार ने राहत दी है। भारतीय स्टाम्प (मप्र) संशोधन विधेयक को राष्ट्रपति की मंजूरी के बाद राजपत्र में इसका प्रकाशन कर दिया गया है। राज्य सरकार ने पिछले साल भारतीय स्टाम्प (मप्र) संशोधन विधेयक को विधानसभा से पारित करवाकर स्वीकृति के लिए राष्ट्रपति के पास भेजा था। उनकी स्वीकृति के बाद 23 अक्टूबर को राजपत्र में इसका प्रकाशन कर दिया गया है। पंजीयन अधिकारियों ने बताया कि राजपत्र में प्रकाशन के बाद इस पर अमल भी शुरू हो गया है।
अभी तक कोई पेनल्टी का प्रावधान नहीं था : नईव्यवस्था भोपाल सहित अन्य जिलों में लागू कर दी गई है। पंजीयन विभाग के अफसरों का तर्क है कि अभी तक रजिस्ट्री में कम स्टाम्प ड्यूटी चुकाने पर कोई पेनल्टी का प्रावधान नहीं था। इसके चलते बड़े खरीदार प्रॉपर्टी की खरीदी कम स्टाम्प ड्यूटी पर कर रजिस्ट्री सब रजिस्ट्रार के सामने पेश कर देते थे। इसके बाद सालों-साल तक मामला जिला पंजीयक की कोर्ट में चलता रहता था।
2014 में खरीदा मकान, आज तक नहीं चुकाई स्टाम्प की बकाया रकम
कान्हासैया निवासी कैलाश मीना ने 1800 वर्गफीट पर बना मकान 2014 में खरीदा था। इसकी खरीदी 11 लाख 47 हजार 815 रुपए दिखाई गई। जबकि कलेक्टर गाइडलाइन में इसका बाजार मूल्य 80 लाख 29 हजार रुपए है। मीना द्वारा पेश की गई रजिस्ट्री में मात्र 70 रुपए की स्टाम्प ड्यूटी चुकाई गई। जबकि इसके लिए 5 लाख 62 हजार रुपए की स्टाम्प ड्यूटी अदा करना थी। कम स्टाम्प ड्यूटी चुकाने को लेकर पंजीयन विभाग द्वारा 20 से ज्यादा बार नोटिस दिए गए। विज्ञापन भी प्रकाशित कराया। बावजूद इसके आज तक स्टाम्प की बकाया राशि जमा नहीं हो पाई है।
हेल्पलाइन
15 हजार प्रॉपर्टी में कम स्टाम्प ड्यूटी : भोपालसहित प्रदेश के जिलों में 15 हजार प्रॉपर्टी ऐसी हैं, जिसमें लोगों ने कम स्टाम्प ड्यूटी लगाकर रजिस्ट्री पेश कर दी। सैक?ों बार खरीदारों को जिला पंजीयन कार्यालय ने नोटिस दिया। इसके बाद भी बकाया राशि जमा नहीं की। दो हजार से ज्यादा मामले ऐसे हैं जो कि 10 साल पुराने हैं। इसमें राशि की वसूली होना है।
संशोधन : 23 अक्टूबर के बाद कराई जा रही रजिस्ट्री पर लागू होगी नई व्यवस्था
बाजार मूल्य से कम पर रजिस्ट्री कराई तो हर माह लगेगा स्टाम्प शुल्क की बाकी राशि पर 2त्न ब्याज
ई-रजिस्ट्री में दिक्कत हो तो हेल्पलाइन पर करें पूछताछ
ई-रजिस्ट्रीमें दिक्कत होने पर टोल फ्री हेल्पलाइन नंबर 18002333842 पर कॉल करके पूछताछ कर सकते हैं। ईमेल आईडी ह्यड्डद्वश्चड्डस्रड्डद्धस्रञ्चद्दद्वड्डद्बद्य.ष्शद्व पर भी शिकायत कर सकते हैं।

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