कांग्रेस की लिस्ट आते ही भड़के हार्दिक समर्थक, सूरत में तोड़फोड़

अहमदाबाद। गुजरात चुनाव के लिए उम्मीदवारों की पहली सूची जारी होते ही कांग्रेस और पाटीदार आंदोलन समिति के बीच टकराव खुलकर सामने आ गया है। सूरत, अहमदाबाद, भावनगर में कांग्रेस प्रत्याशियों के घर, कार्यालय पर पास कार्यकर्ता तोड़फोड़ कर विरोध जता रहे हैं।

हार्दिक पटेल के समर्थकों ने सोमवार से राज्य में कांग्रेस का विरोध करने का ऐलान करते हुए कांग्रेस से टिकट मिलने वाले उम्मीदवारों से नामांकन नहीं करने की अपील की है। इस बीच हार्दिक के समर्थकों ने सूरत में कांग्रेस नेता तुषार चौधरी का पुतला जलाया व कांग्रेस कार्यकर्ताओं से मारपीट भी की।

वहीं प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष सोलंकी के आवास और कांग्रेस कार्यालयों पर भी हंगामा हुआ। हंगामे और तोड़फोड़ को देखते हुए प्रत्याशियों को पुलिस सुरक्षा मुहैया कराई गई है।पास के तीसरे नेता अमित ठुम्मर को जूनागढ शहर से कांग्रेस ने टिकट दिया है। पास प्रवक्ता दिनेश बामणिया समर्थकों के साथ कांग्रेस अध्यक्ष भरतसिंह सोलंकी के अहमदाबाद स्थित बंगले पर पहुंचे, लेकिन पुलिस ने उनकी धरपकड कर ली है। इस बीच सरदार पटेल ग्रुप के लालजी पटेल ने कहा कि पाटीदार युवकों को टिकट के मामले में नहीं पडना चाहिए, हंगामे से दूर रहकर समाज के लिए एकजुट हों।

‘पास’ कोर कमेटी की मंजूरी के बगैर दो को थमाया टिकट –

खबर है कि कांग्रेस की सूची में शामिल पाटीदार आरक्षण आंदोलन समिति के दो उम्मीदवार ललित वसोया व नीलेश कुंबानी को पास की कोर कमेटी की मंजूरी के बिना टिकट देने से पाटीदार समिति नाराज है। हार्दिक के समर्थकों ने सूरत वराछा से कांग्रेस प्रत्याशी प्रफुल्ल तोगडिया के कार्यालय पर तोड़फोड़ कर दी।

कांग्रेस ने 77 प्रत्याशियों की सूची जारी की –

इससे पहले कांग्रेस ने गुजरात चुनाव के लिए 77 उम्मीदवारों की पहली सूची रविवार को जारी की, जिसमें हार्दिक पटेल के दो करीबी सहित एक दर्जन से अधिक पाटीदारों को टिकट मिला है। कांग्रेस की सूची में पार्टी के प्रति समर्पित व जाति समीकरण का प्रभाव स्पष्ट नजर आता है। कांग्रेस ने दो सीट पर मुस्लिम प्रत्याशी मैदान में उतारे हैं।

आधिकारिक तौर पर सूची जारी होने से पहेल ही सोशल मीडिया में एक फर्जी सूची जारी होने के चलते कांग्रेस को सौराष्ट्र व दक्षिण गुजरात के अपने नाम तुरंत घोषित करने पडे, अन्यथा कांग्रेस इसमें उत्तर गुजरात की कुछ सीटों के नाम भी जोडना चाहती थी।

भाजपा अपनी दो सूचियों में 106 नाम पहले ही जारी कर चुकी है। पहली सूची में एक दर्जन से अधिक पाटीदार, अनुसूचित जनजाति के 11, अनुसूचित जाति के 7, मुस्लिम समुदाय के 2 के अलावा क्षत्रिय, ओबीसी, कोली पटेल व मछुआरा समुदाय को भी महत्व दिया है।

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