2 घण्टे भी नहीं चल रहा 1 जीबी डेटा, मोबाइल कंपनियों की लूट का पूरा सच

कटनी। कभी 1 जीबी डेटा पूरे महीने भर चलता था पर अब यह महज कुछ घण्टों में समाप्त हो जाता है। आखिर क्यों यह सवाल आज हर मोबाइल धारक के मन मे उठना स्वाभाविक है। दरअसल जिओ के आने के बाद कम्पनियों में डेटा देने की होड़ सी लग गई। अमूमन सभी कम्पनियों के प्लान जिओ के इर्द गिर्द ही घूम रहे हैं लेकिन रोज कम से कम 1 जीबी डेटा का प्लान भी अचानक मोबाइल पी रहा है या फिर मोबाइल कम्पनियां ग्राहकों को उल्लू बनाने में जुटी हैं।

ट्राई के निर्देश का उल्लंघन, जिओ सबसे आगे, बीएसएनएल की 3 जी सेवा फिसड्डी

सबसे ज्यादा शिकायत जिओ से ही आ रही है जिसका 1 जीबी डेटा महज 2 घण्टे भी नहीं चल पाता। हालात आइडिया ओर एयरटेल के भी कुछ ऐसे ही नजर आ रहे हैं। फिलहाल यही कम्पनियां 4 जी डेटा कटनी में उपलब्ध करा रहीं है। इन सभी सेल्युलर कम्पनियों के डेटा प्लान केवल अनलिमिटेड कॉलिंग तक तो सही हैं लेकिन जैसे ही डेटा की बात आती है तुरन्त कम्पनियां ग्राहकों की जेब खाली कर देतीं हैं। 1 जीबी मतलब 1 हजार एमबी का डेटा कम नहीं होता। कहा यह भी जा सकता है कि इतने डेटा से तो कम से कम 2 फिल्में मोबाइल पर ऑनलाइन देखी जा सकती हैं मगर यह डेटा महज फेसबुक, व्हाटसप ट्विटर के मैसेज में ही स्वाहा कैसे हो जाता है समझ से परे है?
बीएसएनएल की 3.5 जी सेवा भी घटिया
इधर सरकारी कम्पनी बीएसएनएल अभी तक अपना 4 जी प्लान के साथ सामने नहीं आई है लेकिन इसकी कटनी में 3.5 जी सेवा भी बेहद घटिया चल रही है। 3 जी मे जहां कभी कम से कम 5 एमबीपीएस की स्पीड मिलती थी आज इसे 512 केबीपीएस की स्पीड तक नहीं मिल पा रही लोगों की मजबूरी है जब ग्राहक निजी कंपनियों की ओर रुख कर रहे हैं । इसे विडम्बना ही कहा जाए कि अब से एक वर्ष पहले 3 जी की सेवा ही दुत्र गति की डेटा ट्रांसफर सेवा थी जो अब घटिया सेवा बन गई। ग्राहकों का कहना है कि बीएसएनएल अपनी डेटा स्पीड को सही कर दे तो लोग निजी कंपनियों की लूट का शिकार होने से बच जाएंगे।
4 जी मे भी वास्तविक स्पीड नहीं
जिओ सहित तमाम निजी कम्पनियां पता नहीं कैसे 1 जीबी या 2 जीबी डेटा पी रहीं हैं क्योंकि एलटीटी एफडीडीआई की इस 4 जी तकनीक में 150 एमबीपीएस की डाउनलोड और इससे करीब आधी अपलोड स्पीड मिलनी चाहिये मगर देखा जाए तो जियो के 4 जी मे अधिकतम 15 से 20 एमबीपीएस की स्पीड ही मिलती है। दरअसल अधिकांश ग्राहकों को स्पीड के बारे में कोई जानकारी नहीं जिसका फायदा निजी कम्पनियां जम कर उठा रहीं हैं।
सुबह सुबह ही आ जाता है मैसेज
जियो की बात करें तो डेटा रिन्यूवल रात 12 से 2 बजे के बीच हो जाता है। लेकिन आश्चर्य तब होता है जब डेटा समाप्त होने का मैसेज सुबह सुबह ही ग्राहकों के मोबाइल पर आ जाता है। रात में मोबाइल का डेटा बन्द करने के बाद भी सुबह सुबह डेटा समाप्त होने का मैसेज ग्राहक के गले नहीं उतरता ओर फिर वह 50-100 रुपये में कम्पनी का एड आन पैक खरीदने पर विवश हो जाता है।
लूट रहीं कम्पनियां ग्राहक शिकायत भी नहीं कर पा रहे
खास बात यह है कि डेटा की इस खुली लूट के बावजूद ग्राहक इसकी शिकायत तक कहीं नहीं कर पा रहे। कम्पनियों के कस्टमर केयर में जवाब मिलता है आपने डेटा उपयोग कर लिया होगा। मगर कैसे इसका जवाब बेचारा ग्राहक अपने मोबाइल में तलाशता रहता है। डेटा कैसे खत्म हो गया इसका सही सही मापदण्ड क्या है न तो सरकार की कोई गाइडलाइन है न ही कम्पनियों की कोई रूप रेखा बेचारा ग्राहक लुट रहा है। इस मामले में ट्राई के निर्देश का भी खुला उल्लंघन देखा जा सकता है।

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