मिनरल वॉटर के लिए 21 रुपये ज्‍यादा लिए थे, भरना पड़ा 12,000 रुपये मुआवजा

बेंगलुरु की कंज्यूमर कोर्ट में एक बड़ा ही दिलचस्प मामला सामने आया है। राघवेन्द्र केपी नाम के एक शक्स को  Kinley मिनरल वाटर को माल से खरीदने पर एक लीटर पानी के लिए 21 रुपए ज्यादा चुकाने पड़े थे। इस फ्रॉड के खिलाफ राघवेन्द्र ने वेंडर, जीएस एंटरप्राइजेज के रॉयल मीनाक्षी मॉल और निर्माता कोका-कोला के विरुध्द कंज्यूमर फोरम में शिकायत दर्ज कराई थी। इस शिकायतकर्ता का कहना था कि 5 दिसंबर 2015 को दुकानदार ने 1 लीटर पानी की बॉटल 40 रुपए में दी थी जबकि उसकी एमआरपी 19 रुपए ही था।

राघवेन्द्र नाम के इस शक्स ने यह दावा किया था कि उसी शाम उसने जयानगर की एक दुकान से वही एक लीटर पानी की बॉटल 19 रुपए में खरीदी थी। राघवेन्द्र ने इन दोनों खरीदारियों की चालान रशीद कोर्ट में जमा की थी और कहा था कि रॉयल मीनाक्षी मॉल में की गई खरीददारी की वजह से उसे 21 रुपए का नुकसान सहन करना पड़ा। कोला-कोला भी इस बात ने सहमत हुआ कि दुकानदार ने ग्राहकों को धोखा देने के लिए के लिए दाम बढ़ाए थे।

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बता दें कि कोर्ट ने इस केस की सुनवाई साल 2016 की शुरूआत में प्रारंभ की थी। केस की सनुवाई के समय दुकानदार भी उपस्थित था और उसका कहना था कि शिकायतकर्ता ने झूठा आरोप लगाया है। लेकिन कोर्ट ने पाया कि शिकायकर्ता राघवेन्द्र का आरोप सही है और दुकानदार ने उसे 21 रुपए का नुकसान पहुंचाया है। कोर्ट ने अपने फैसले में शिकायतकर्ता को मुकदमे की शुल्क सहित 12,000 रुपए मुआवजा देने का आदेश दिया। ऐसे में बेंगलुरु कंज्यूमर कोर्ट में आए इस फैसले को कंज्यूमर फ्रॉड को रोकने की दिशा काफी महत्वपूर्ण माना जा रहा है।

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