पंजाब आतंकियों के निशाने पर,सोशल मीडिया के जरिए तैयार हो रहा प्लान

गुरदासपुर (विनोद): पंजाब के साथ लगती भारत-पाक सीमा पर भले ही 8 इन्फ्रारैड और लेजर बीम सिस्टम्स ने काम करना शुरू कर दिया है लेकिन भौगोलिक कारणों के चलते आज भी आतंकी और तस्कर न केवल पंजाब में प्रवेश करते हैं बल्कि नशा और हथियार भी भेजते हैं। हाल ही में विशेष रूप से गठित की गई खुफिया एजैंसी द्वारा एक गोपनीय रिपोर्ट केंद्र सरकार को सौंपी गई है जिसमें आशंका जताई गई है कि पाकिस्तान में बैठे आतंकी और ड्रग तस्कर अब पंजाब में हथियार और नशे की खेप भेजने के लिए ड्रोन और पैराग्लाइडर्स का इस्तेमाल कर सकते हैं।

रिपोर्ट में पंजाब में दोबारा आतंकवादी गतिविधियों को पुनर्जीवित करने की कोशिशों पर भी चिंता जताई गई है। इस एजैंसी में भारतीय सेना, बी.एस.एफ. और पंजाब पुलिस के अधिकारी शामिल थे।  दूसरी तरफ इस रिपोर्ट से हटकर देखा जाए तो सीमा पर कई गैप्स का आतंकी और तस्कर घुसपैठ और तस्करी के लिए फायदा उठाते रहे हैं और उठा भी रहे हैं। हालांकि सुरक्षा एजैंसियों का दावा है कि सीमा पर ऐसे कोई गैप्स नहीं हैं और जिन जगहों से कंटीली तार टूटी थी वह रिपेयर कर दी गई है और सुरक्षा के लिहाज से अनेक कदम उठाए गए हैं।

सूत्रों के अनुसार पंजाब में पड़ती अंतर्राष्ट्रीय सीमा पर जिला गुरदासपुर तथा पठानकोट में तो पाकिस्तान की गुप्तचर एजैंसी आई.एस.आई. को ड्रोन या पैरा ग्लाइडर आदि का प्रयोग करने की जरूरत ही नहीं है। रावी तथा उज्ज दरिया के रास्ते यह काम पाकिस्तान आसानी से कर सकता है। सूत्रों से प्राप्त जानकारी के अनुसार पाकिस्तान के साथ लगती जम्मू-कश्मीर की सीमा से इन दिनों में बर्फ पड़ जाने के कारण कश्मीर में आतंकियों का प्रवेश बंद हो जाता है। इसके चलते जम्मू-कश्मीर के आतंकियों ने पंजाब के आतंकियों के साथ सांठ-गांठ कर ली है। इसलिए आशंका जताई जा रही है कि आने वाले 6 महीनों में पंजाब में आतंकी गतिविधियां पुनर्जीवित हो सकती हैं। इस बात का अंदाजा पंजाब में हिन्दू नेताओं की हो रही हत्याओं से भी लगाया जा सकता है।

इससे भी पहले जनवरी 2016 में पठानकोट एयरबेस पर हमला हो चुका है। वहीं इन हत्याओं को लेकर बीते दिनों कुछ गैंगस्टरों के साथ-साथ इन हत्याओं के लिए फंडडिंग करने वाले यू.के. नागरिक जगतार सिंह जौहल और इंगलैंड से डिपोर्ट किए गए तलजीत सिंह उर्फ जिम्मी सिंह की गिरफ्तारी भी हुई है। वहीं इन हत्याओं में हथियार मुहैया करवाने को लेकर आतंकी हरमिंदर सिंह मिंटू से भी पूछताछ हो रही है।

ऐसे पंजाब में आसानी से प्रवेश करते हैं आतंकवादी व तस्कर
जिला गुरदासपुर व पठानकोट की लगभग 135 किलोमीटर सीमा पाकिस्तान के साथ लगती है। लगभग सारी सीमा पर उज्ज तथा रावी दरिया पड़ता है। पठानकोट के नरोट जैमल सिंह इलाके में उज्ज दरिया तथा आगे रावी दरिया सीमा पर बहते हैं। कहीं पर ये दरिया पाकिस्तान में बहते हैं तो कही पंजाब में। इन दोनों दरियाओं का जिगजैग बहना ही आतंकियों तथा तस्करों के लिए स्वर्ग माना जाता है। पाकिस्तान के मुकाबले भारतीय इलाका लगभग 8 फुट ढलान पर है। दोनों ही दरियाओं का बहाव और दबाव भारतीय इलाके की तरफ बना रहता है जो तस्करों व आतंकवादियों के लिए बहुत ही सहायक है। जिन स्थानों पर सीमा पर दरिया का पानी बहता है वहां पर कंटीली तार लगाना कठिन है तथा पानी के अंदर फैंकी गई कंटीली तार ज्यादा समय के लिए टिकती नहीं है। पानी के बहाव से कंटीली तार के गुच्छे बह जाते हैं। इस कारण दरिया मार्ग से घुसपैठ और नशा आदि भेजना आसान माना जाता है।

सरकंडों का लाभ उठाते हैं घुसपैठिए और तस्कर
सरकंडे दरिया के पानी में डूबते नहीं हैं तथा बिना आवाज किए पानी के बहाव के साथ भारतीय सीमा में आ जाते हैं। यहां तक कि यदि सरकंडे की गठरी पर कोई सामान रख कर पाकिस्तान से भारत भेजा जाए तो सरकंडे उसे भारतीय सीमा में ले आते हैं तथा भारतीय तस्कर उस सरकंडे की गठरी पर रखे समान को प्राप्त कर वहीं सीमा पर खेतों में छुपा देते हैं या जमीन में दबा देते हैं और मौका मिलने पर उसे जवानों की आंख में धूल झोंक कर भारतीय इलाके में ले आते हैं। यही कारण है कि आज तक पठानकोट एयरबेस पर हमला करने वाले तथा दीनानगर पुलिस स्टेशन पर हमला करने वाले आतंकियों बारे यह पता नहीं चल सका कि वे किस रास्ते पाकिस्तान से भारत में प्रवेश करने में सफल हुए थे।

महिला तस्करों को अधिकारियों पर डोरे डालने का प्रशिक्षण
रिपोर्ट में कहा गया है कि सीमावर्ती इलाकों में महिलाओं को तस्करी में सहयोगी बनाने और अधिकारियों को आकॢषत करने के लिए प्रशिक्षित किया जा रहा है। ऐसा ही एक मामला सामने आ चुका है और इसे जुलाई में आई.जी. बॉर्डर रेंज द्वारा बी.एस.एफ . के नोटिस में लाया गया था जिसके बाद बी.एस.एफ . के अधिकारी को बर्खास्त कर दिया गया था।

सीमा पर अमृतसर में ड्रोन की 36 उड़ानें दर्ज
विशेष रूप से गठित इस एजैंसी में अपने-अपने विभाग का प्रतिनिधित्व करने वाले वरिष्ठ अधिकारियों ने सीमा पार से भारत में हथियार और नशा फैंकने के लिए ड्रोन और पैराग्लाइडरों के उपयोग की धमकी बारे रिपोर्ट में विस्तार से बताया है। इसमें विशेष रूप से जी.पी.एस. का उपयोग होने की बात कही गई है। रिपोर्ट में कहा गया है कि यह संभावना विशेष रूप से अंतर्राष्ट्रीय सीमा के आसपास होगी। बी.एस.एफ . ने इस संबंधी ड्रोन की 40 उड़ानें दर्ज करने के बाद यह बात कही है जिनमें से अकेले 36 उड़ानें अमृतसर में दर्ज हुई हैं। केंद्रीय एजैंसियों के अनुसार जहां तक पंजाब का संबंध है अंतर्राष्ट्रीय सीमा से आतंकवादियों की घुसपैठ और आतंकवादी गतिविधियों को पुनर्जीवित करने के लिए जम्मू-कश्मीर के आतंकियों और सिख आतंकियों के बीच आपसी सहयोग की बातें भी सामने आई हैं।

नों से सांठ-गांठ की कोशिशें
रिपोर्ट में कहा गया है कि पाकिस्तान के ड्रग तस्कर सीमा पर भारतीय किसानों के साथ ड्रग्स की खेप आगे पहुंचाने के लिए संपर्क करने की कोशिश में हैं। पिछले दिनों पंजाब सरकार ने सीमा पर कंटीली तार के पार किसानों को खेती करने की इजाजत दी है। इसके साथ ही पाकिस्तान की गुप्तचर एजैंसी आई.एस.आई. ने पाकिस्तानी व भारतीय तस्करों और आतंकवादियों का गठबंधन करवा पंजाब में आतंकियों को भेजने सहित नशीले पदार्थों की तस्करी व हथियार भेजने की योजना बना ली है। इस संबंधी आई.एस.आई. ने उच्च स्तर पर मीटिंग बुलाकर पाकिस्तान में बैठे खालिस्तानी समर्थकों के भी विचार लिए हैं।  पिछले दिनों बी.एस.एफ . ने ऐसे 2 किसानों को गिरफ्तार भी किया था जो पाकिस्तान के नागरिकों से बात कर रहे थे। रिपोर्ट में यह भी कहा गया है कि आतंकियों और तस्करों द्वारा अपने उद्देश्यों की पूर्ति के लिए सीमा के साथ लगते डेरों में रहने वाले गुर्जर समुदाय की भी मदद ली जाती है। एजैंसियों ने इस तरह के डेरों का नया डाटा तैयार किया है और इन डेरों में रहने वाले लोगों के मोबाइल नंबरों को सूचीबद्ध किया है।

सोशल मीडिया प्लेटफार्म का सहारा  
बी.एस.एफ . ने पाया कि ड्रग माफिया और आतंकी बातचीत के लिए सोशल मीडिया प्लेटफार्म का सहारा ले रहे हैं। रिपोर्ट में कहा गया है कि इससे निपटने के लिए अधिकारियों का मानना है कि वास्तविक समय की जानकारी सांझा करने के लिए इंटर एजैंसी व्हाट्सएप ग्रुप बनाया जा सकता है।

पोस्ट सर्जिकल स्ट्राइक
रिपोर्ट में कहा गया है कि भारत ने सीमा पर सुरक्षा बढ़ा दी है क्योंकि भारत ने पिछले साल पी.ओ.के. में सॢजकल स्ट्राइक की थी। इसके बाद पाक स्थित पंजाब पुलिस ने नरोवाल-शाकगढ़ रोड पर कई स्थानों पर चैक पोस्ट स्थापित किए हैं और वाहनों की गहन जांच की जा रही है। रिपोर्ट के मुताबिक पाकिस्तानी रेंजर्स लगातार अंतर्राष्ट्रीय सीमा के पास अपनी सुरक्षा को मजबूत करने में लगे हुए हैं और भारत के साथ लगती सीमा पर ओ.पी. टावरों का निर्माण किया है। ओ.पी. टावरों के निर्माण के बाद पाक रेंजर्स ने सैनिकों के आराम के लिए इन टावरों में छोटी झोंपडिय़ां तक बना ली हैं ताकि वे सीमा पर गतिविधियों पर नजर रखने के साथ-साथ आराम भी कर सकें।

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