शेख हसीना ने दिखाई भारत-बांग्लादेश के बीच चलने वाली ‘बंधन एक्सप्रेस’ को हरी झंडी

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और बांग्लादेश की प्रधानमंत्री शेख हसीना ने गुरुवार को वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के जरिए ‘बंधन एक्सप्रेस’ को हरी झंडी दिखाई। इस कार्यक्रम में पश्चिम बंगाल की मुख्यमंत्री ममता बनर्जी भी शामिल थीं। बंधन एक्सप्रेस पश्चिम बंगाल के कोलकाता और बांग्लादेश के औद्योगिक शहर खुलना के बीच प्रत्येक गुरुवार को चलेगी। इसका संचालन 177 किलोमीटर लंबे खुलना-कोलकाता रेल मार्ग पर होगा। इसका लाभ यात्री 16 नवंबर से उठा सकेंगे। यह रेलगाड़ी दिन में 11 बजे कोलकाता से रवाना होगी और 4:30 घंटे के सफर के बाद खुलना पहुंचेगी। बांग्लादेश की राजधानी ढाका और पश्चिम बंगाल की राजधानी कोलकाता के बीच मैत्री एक्सप्रेस ट्रेन पहले से ही चल रही है।

इस अवसर पर प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने कहा कि विकास और संपर्क दोनों एक साथ जुड़े हुए हैं और हम दोनों देशों के बीच जो सदियों पुराने एतिहासिक संबंध हैं, विशेष रूप से पश्चिम बंगाल और बांग्लादेश के लोगों के बीच, उन्हें मजबूत करने की दिशा में गुरुवार को हमने कुछ और कदम उठाए हैं। खासकर पश्चिम बंगाल और बांग्लादेश के लोगों के बीच आवाजाही और संपर्क बेहतर होगा। उन्होंने कहा कि हमने गुरुवार को दो रेल पुलों का भी उद्घाटन किया है।
उन्होंने कहा कि लगभग दस करोड़ डालर की लागत से बने ये पुल बांग्लादेश के रेल संपर्कों को मजबूत करने में सहायक होंगे। बांग्लादेश के विकास कार्यों में विश्वस्त साझेदार होना भारत के लिए गर्व का विषय है। कार्यक्रम में दिल्ली से वीडियो कॉन्फ्रेंंसिंग के जरिये विदेश मंत्री सुषमा स्वराज भी जुड़ी हुई थीं। मोदी ने कहा कि कुछ समय पहले हमने दक्षिण एशिया उपग्रह के प्रक्षेपण के समय इसी प्रकार वीडियो कॉन्फ्रेंंसिंग की थी। पिछले वर्ष हमने मिलकर पेट्रापोल आइसीपी का उद्घाटन भी इसी प्रकार किया था। हमारी कनेक्टिविटी को मजबूत करने वाली महत्वपूर्ण परियोजनाओं का उद्घाटन हमने वीडियो कांफ्रेंंिसग के माध्यम से किया। उन्होंने कहा कि पड़ोसी देशों के नेताओं के बीच सही मायने में पड़ोसियों जैसे संबंध होने चाहिए। जब मन किया तो बात होनी चाहिए, यात्रा होनी चाहिए। इस सबमें हमें प्रोटोकाल के बंधन में नहीं रहना चाहिए। गुरुवार को अंतरराष्ट्रीय यात्री टर्मिनस के उद्घाटन से कोलकाता-ढाका मैत्री एक्सप्रेस और कोलकाता-खुलना बंधन एक्सप्रेस के यात्रियों को काफी सुविधा होगी। इससे उन्हें न सिर्फ कस्टम और आव्रजन में आसानी होगी, बल्कि उनकी यात्रा के समय में भी तीन घंटे की बचत होगी।

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