I.S.I ने रचा था हिंदू नेताओं की हत्याओं का षड्यंत्र, 4 गिरफ्तार

चंडीगढ़(पराशर): पंजाब में पिछले साल जनवरी से आरंभ हुए हिंदू नेताओं की हत्याओं के सिलसिले में मंगलवार को पंजाब पुलिस ने बड़े ब्रेक-थ्रू की घोषणा की है। वहीं 8  हिंदू नेताओं की हत्या के मामले में 4 लोगों को गिरफ्तार किया गया है।
इस आशय की घोषणा मंगलवार को यहां मुख्यमंत्री कै. अमरेंद्र सिंह तथा डी.जी.पी. सुरेश अरोड़ा ने एक पत्रकारवार्ता में की। उन्होंने कहा कि इन सभी हत्याओं का षड्यंत्र पाकिस्तान की आई.एस.आई. द्वारा रचा गया था। उसका उद्देश्य पंजाब में साम्प्रदायिक सद्भावना को भंग कर गड़बड़ी फैलाना था व भारत विरोधी गतिविधियों को तेज करना था।
इस षड्यंत्र के तहत आई.एस.आई. ने विभिन्न देशों में बैठे अपने गुर्गों के जरिए इन वारदातों को अंजाम 
दिया। इसके साथ ही ब्रिगेडियर जगदीश गगनेजा, अमित अरोड़ा, दुर्गा दास गुप्ता, अमित शर्मा सहित 8 हिंदू नेताओं की हत्याओं के मामले हल कर लिए गए हैं।

यू.के. से आए जिम्मी से पूछताछ के आधार पर हुईं गिरफ्तारियां
मुख्यमंत्री ने कहा कि इस मामले में गिरफ्तार किए गए आरोपियों से पूछताछ जारी है। इसलिए इन सभी के नाम घोषित नहीं किए जा रहे। हत्याओं के केस में ब्रेक-थ्रू उस समय मिला जब पुलिस ने यू.के. से आने वाले एक व्यक्ति जिम्मी सिंह को पिछले सप्ताह पालम एयरपोर्ट पर गिरफ्तार किया था। उससे पूछताछ के आधार पर अन्य लोगों की गिरफ्तारियां की गई हैं।

4 आरोपियों में जगतार सिंह जोहल (जग्गी) भी यू.के. निवासी 
मुख्यमंत्री ने कहा कि गिरफ्तार 4 आरोपियों में जगतार सिंह जोहल (जग्गी) भी यू.के. का रहना वाला है जिसने गत माह ही शादी रचाई थी। उसे जालंधर से गिरफ्तार किया गया था। गैंगस्टर धॄमद्र गुगनी मेहरबान लुधियाना का रहना वाला है और उसी ने इन हत्याओं में प्रयोग होने वाले हथियार सप्लाई किए थे।

हत्यारों ने कुछ वारदातों में छोड़े एक जैसे फुटप्रिंट
डी.जी.पी. ने कहा कि हत्यारों ने कुछ वारदातों में एक जैसे फुटप्रिंट छोड़े। जालंधर के दुर्गादास तथा ब्रिगेडियर जगदीश गगनेजा की हत्याओं में एक जैसे हथियारों का इस्तेमाल किया गया था। लुधियाना के अमित शर्मा हत्या केस में भी इसी प्रकार की गन का प्रयोग हुआ। जांच दौरान पाया गया कि इसी प्रकार के हथियार फरवरी 2017 में खन्ना में हुई सतपाल कुमार और उसके बेटे की हत्या, जुलाई 2017 में क्रिश्चियन पादरी सुल्तान मसीह की लुधियाना में हुई हत्या तथा पिछले माह लुधियाना में आर.एस.एस. नेता रविंद्र गोसांई की हत्या में भी प्रयोग किए गए।

इतना ही नहीं, जनवरी 2016 में लुधियाना आर.एस.एस. शाखा के एक कार्यकत्र्ता तथा फरवरी 2016 में अमित अरोड़ा की हत्या में भी इसी प्रकार के हथियारों का प्रयोग किया गया था। सभी 8 हत्याओं के केसों में 9एम.एम., .32 व .30 बोर के पिस्तौलों का प्रयोग किया गया। डी.जी.पी. सुरेश अरोड़ा ने कहा कि पंजाब में टारगेट हत्याओं का सिलसिला जनवरी 2016 में शुरू हुआ। इन सभी हत्याओं को एक ही तरीके से अंजाम दिया गया लेकिन हत्यारे अपना कोई भी फुटपिं्रट नहीं छोड़ रहे थे जिससे इन केसों की तहकीकात में बहुत मुश्किल का सामना करना पड़ रहा था। इन हत्याओं में 9एम.एम., .32 तथा .30 एम.एम. के हथियारों का इस्तेमाल किया गया था।

गगनेजा की हत्या संबंधी रिपोर्ट सी.बी.आई. से शेयर कर ली: अमरेंद्र
मुख्यमंत्री कै. अमरेंद्र सिंह ने कहा कि ब्रिगेडियर गगनेजा की हत्या का मामला सी.बी.आई. को सौंपा गया था, पर सफलता   पंजाब पुलिस को मिली। पंजाब पुलिस ने अब अपनी जांच की रिपोर्ट सी.बी.आई. से शेयर कर ली है। उन्होंने कहा कि उनकी सरकार के 7 माह के कार्यकाल में अब तक 8 आतंकी मॉड्यूल भंग किए जा चुके हैं। डी.जी.पी. इंटैलीजैंस दिनकर गुप्ता के नेतृत्व में बनी एक पुलिस जांच कमेटी ने इसे हल किया। मुख्यमंत्री ने कहा कि उन्होंने डी.जी.पी. से उत्कृष्ट काम करने वालों को पुरस्कार देने का सिस्टम बनाने को भी कहा है।

 

पंजाब पुलिस की टीमों ने मिल कर ध्वस्त किया आतंकी मॉड्यूल
डी.जी.पी. ने कहा कि इस आतंकी मॉड्यूल को ध्वस्त करने में पंजाब पुलिस के इंटैलीजैंस व काऊंटर इंटैलीजैंस विंग तथा बटाला व मोगा जिला पुलिस शामिल थी। टीम में आई.जी. इंटैलीजैंस अमित प्रसाद, डी.आई.जी. काऊंटर इंटैलीजैंस रणवीर खटरा, एस.एस.पी. मोगा रणजीत सिंह, एस.एस.पी. उपिंद्र घुम्मन, एस.पी. राजिंद्र सिंह, एस.पी. वजीर सिंह, डी.एस.पी. सुलखन सिंह और सर्बजीत सिंह, इंस्पैक्टर सी.आई.ए. मोगा किक्कर सिंह तथा ए.एस.आई. हरि पाल शामिल थे।

चौथा आरोपी था मुख्य शूटर
कैप्टन ने कहा कि चौथा आरोपी जोकि मुख्य शूटर था, मंगलवार दोपहर गिरफ्तार किया गया है। उससे पूछताछ जारी है। इसलिए उसके बारे में और कोई जानकारी अभी जारी नहीं की जा रही लेकिन पुलिस के पास उसके विरुद्ध फॉरैंसिक तथा बैलिस्टिक एविडैंस मौजूद हैं।

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *