त्यौहारों में गंदगी से बजबजाता रहा शहर, निगम अभी तक खामोश

जबलपुर। निगम में आज से सामान्य सभा की बैठक चल रही है। डोर टू डोर कलेक् शन से लेकर लीज रेंट और भ्रष्टाचार के मुद्दे गूंज रहे हैं लेकिन त्यौहारों के दौरान शहर जो गंदगी से पटा रहा उसको लेकर महापौर सहित जिम्मेदार अधिकारी क्यों चुप्पी साधे हुए हैं। चाहे दशहरा का समय हो या मोहर्रम या फिर साफ सफाई और स्वच्छता का पर्व दीपावली। सभी में शहर की सफाई व्यवस्था चौपट रही। डोर टू डोर के हाल तो सभी को पता हैं लेकिन सार्वजनिक स्थलों की सफाई व्यवस्था भी इस दौरान बद से बदतर रही। एक छोटी सी गलती पर सुपरवाइजर और सीएसआई पर कार्यवाही की तलवार लटकती रहती है लेकिन त्यौहारों को गंदगी के बीच मनवाने वाले अधिकारियों को क्यों खुला संरक्षण दिया जा रहा है। इसका जवाब नहीं मिल रहा है। जेबीपी नंबर वन और स्वच्छता अभियान को लेकर लंबे चौड़े प्रमोशन किए जाते हैं। जागरूकता को लेकर अभियान चलाया जाता है। लेकिन निगम के अधिकारियों को क्यों नहीं जगाया जा रहा है। महापौर अपनी स्वच्छ छवि के लिए जानी जाती हैं तो निगमायुक्त के तीखे तेवर से हर कोई वाकिफ है। इसके बाद भी इस गंदगी के आलम पर महापौर की स्वच्छ छवि क्यों धूमिल हो रही है ओर निगमायुक्त के तीखे तेवर क्यों शांत हो जाते हैं?

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