आखिर रावण के दस सिर क्यों थे?

रामायण में राम-रावण के बारे में हमने कई बातें पढ़ी-सुनी हैं। कहा जाता है कि रावण तब सबसे बड़ा राक्षस था। इसके बावजूद उसकी कुछ ऐसी खूबियां थीं, जिसके लिए कई मौकों पर उसकी प्रशंसा भी की गई। हम यहां रावण से जुड़ी ऐसी ही कुछ रोचक बातों का जिक्र करेंगे।

– टीवी सीरियल में रावण को बहुत बुरा बताया गया है, लेकिन वह एक अच्छा शासक भी था। उसके समय में लंका (अब श्रीलंका) में जितनी समृद्धि थी, उसके बाद कभी नहीं रही।

– रामायण के कुछ संस्करणों में इस बात का उल्लेख है कि आखिर रावण के दस सिर क्यों थे? कहा जाता है कि शिव को प्रसन्न करने के लिए रावण ने अपने सिर के टुकड़े-टुकड़े कर दिए थे। लेकिन उसकी भक्ति इतनी गहरी थी कि हर टुकड़ा एक नया सिर बन गया। यह भी कहा जाता है कि रावण के दस सिर उसके छह शास्त्रों और चार वेदों के ज्ञान के प्रतीक हैं।

– टीवी सीरियर और फिल्मों में रावण को बहुत डरावना बताया गया है, लेकिन वास्तव में ऐसा नहीं था। कहते हैं कि रावण बहुत आकर्षक था। उसकी मूंछे वैसी नहीं थीं, जैसी दिखाई जाती हैं।

– कहीं-कहीं जिक्र है कि समुद्र पार करने के लिए भगवान राम ने जो सेतू बनाया था, उसका निर्माणकार्य शुरू कराने की पूजा रावण ने ही कराई थी। बताते हैं कि तब राम, शिवजी को प्रसन्न करना चाहते थे और जहां शिव को प्रसन्न करने की बारी आती थी, वहां रावण कभी पीछे नहीं हटता था। ध्यान रहे, तब रावण एक ज्ञानी पंडित भी था।

– श्रीलंका में रावण की कई प्रतिमाएं हैं, जिनमें वो हाथ में वीणा लिए नजर आता है। माना जाता है कि रावण की संगीत में बहुत रुचि थी और वो वीणा भी बहुत अच्छी बजाता था।

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