अब कक्षा नहीं, आयु के आधार से होगी स्कूली खेल स्पर्धा

जबलपुर,यभाप्र। क्लास के बंधन के कारण जूनियर खिलाड़ी को सीनियर खिलाड़ी के साथ खेलना पड़ता है। इस वजह से खिलाड़ी अपनी प्रतिभा दिखाने का मौका नहीं मिल पाता है। स्कूल गेम्स फेडरेशन ऑफ इंडिया (एसजीएफआई) ने अपने नियमों में बदलाव किया है। इस संबंध में लोक शिक्षण संचालनालय ने भी आदेश जारी कर दिया है। अब कक्षा के बजाय आयु वर्ग के आधार पर खेल प्रतियोगिताएं की जाएंगी। इसके चलते छोटी उम्र के खिलाड़ियों को अपने से अधिक आयु वर्ग के खिलाड़ियों से मुकाबला नहीं करना पड़़ेगा। सीएसजीएफआई की बैठक में आयु संबंधी मुद्दा उठा था। सीबीएसई स्कूलों में इस तरह का बंधन नहीं होता, जिससे खिलाड़ियों को काफी लाभ मिलता है। उदाहरण के लिए कराटे के दो खिलाड़ी हैं। वह कक्षा 11 में पढ़ते हैं। एक की उम्र 13 साल और दूसरे की 16 साल है, तो 13 वर्षीय खिलाड़ी को अंडर-14 में खेलना चाहिए था, लेकिन क्लास का बंधन होने के कारण उसे अंडर 17 में खेलना पड़ता था। इस कारण शारीरिक क्षमता में कम उम्र का खिलाड़ी आगे नहीं बढ पाता था। अब यह बंधन समाप्त होने से छात्र जिस कक्षा में पड़ रहा है, उसे उसकी उम्र के हिसाब से ही प्रतियोगिता में भाग लेने का मौका मिलेगा। इससे कम उम्र के खिलाड़ियों को अपनी प्रतिभा दिखाने का अवसर मिलेगा। वहीं विभाग ने अब स्कूलों में खेल सामग्री और अन्य सुविधाओं को लेकर भी निर्देश जारी किए हैं। उदाहरण के लिए कराटे के दो खिलाड़ी हैं। वह कक्षा 11 में पढ़ते हैं। एक की उम्र 13 साल और दूसरे की 16 साल है, तो 13 वर्षीय खिलाड़ी को अंडर-14 में खेलना चाहिए था, लेकिन क्लास का बंधन होने के कारण उसे अंडर 17 में खेलना पड़ता था। इस कारण शारीरिक क्षमता में कम उम्र का खिलाड़ी आगे नहीं बढ़ पाता था। अब यह बंधन समाप्त होने से छात्र जिस कक्षा में पड़ रहा है, उसे उसकी उम्र के हिसाब से ही प्रतियोगिता में भाग लेने का मौका मिलेगा। इससे कम उम्र के खिलाड़ियों को अपनी प्रतिभा दिखाने का अवसर मिलेगा। वहीं विभाग ने अब स्कूलों में खेल सामग्री और अन्य सुविधाओं को लेकर भी निर्देश जारी किए हैं।
ओलंपिक की तैयारी
व्यवस्था में यह सुधार अंतर्राष्ट्रीय स्तर के खेलों की तैयार को मद्देनजर रखते हुए किया जा रहा है। राष्ट्रीय खेल प्रतियोगिता में प्रतिभावान खिलाड़ियों को वर्ष 2024 एवं 2028 ओलिंपिक के लिए प्रशिक्षित किया जाएगा। राष्ट्रीय खेलों के दौरान खिलाड़ियों को अलग से प्रशिक्षण दिया जाएगा। उन्हें सारी अत्याधुनिक सुविधाएं मुहैया होगी, ताकि वे देश के लिए मेडल जीत सकें।
ये बंधन भी रहेंगे
एसजीएफआई ने छात्रों के हितों को ध्यान में रखते हुए कुछ बंधन भी रखे हैं। इसमें राष्ट्रीय प्रतियोगिता में 14, 17 एवं 19 वर्ष से कम आयु वर्ग में 6वीं क्लास से कम के कोई भी छात्र-छात्राएं भाग नहीं ले सकेंगे। इसके अलावा 11 वर्ष से कम आयु वर्ग में कक्षा तीन से कम कक्षा का छात्र भाग नहीं ले सकेगा। खिलाड़ी को तीन, चार या पांच में अध्ययनरत होना अनिवार्य होगा। इसके अलावा यदि कक्षा 11वीं में अध्ययनरत कोई भी छात्र 17 वर्ष से कम आयुवर्ग की प्रतियोगिता में सहभागिता करना चाहता है ो उसे पात्रता प्रमाण पत्र के साथ हाईस्कूल का सर्टिफिकेट प्रस्तुत करना होगा।
एसजीएफआई ने वजन से संबंधित खेलों के नियमों में बदलाव किया है। अब वजन आधारित सभी खेलों जैसे बॉक्सिंग, रेसलिंग, ताईक्वांडो, हूपक्वांडो आदि में खिलाड़ियों का चयन पहले कक्षाओं के आधार पर होता था लेकिन अब उम्र के आधार पर होगा। इससे जूनियर खिलाड़ियों को सीनियर खिलाड़ियों के साथ नहीं खेलना पड़ेगा। इसमें कक्षा की बाध्यता नहीं रहेगी।
– रश्मि दीक्षित, सहायक संचालक, (खेल), लोक शिक्षण

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