शादी की तैयारी में है तो संभल जाइए, अब ये और महंगी पड़ने वाली है

रीवा। देवउठनी एकादशी से शुभ मुहूर्तों की शुरुआत हो गई है। इसके साथ ही शादी विवाह की तारीखें भी तय होनी शुरू हो गईं हैं, लेकिन निम्न और मध्यमवर्गीय परिवार पर जीएसटी का खौफ भी नजर आ रहा है। गुड्स एंड सर्विस टैक्स (जीएसटी) के कारण अब तक होने वाला शादी समारोहों का खर्च करीब 50 फीसदी बढ़ गया है।

जिससे शादी का बजट डेढ़ गुना हो गया है। इसका असर टेंट और बारात घर से लेकर बैंडबाजों तक इसका असर दिखाई दे रहा है। वैवाहिक कार्यक्रम के दौरान बारात घर, कैटरिंग सहित अन्य सुविधाओं में 18 से 20 फीसदी जीएसटी टैक्स लगाया गया है। वैवाहिक कार्यक्रम करने वाले लोगों को यह टैक्स वहन करना होगा।

वैवाहिक कार्यक्रम के दौरान एक हजार लोगों के शामिल होने एवं खाने-पीने की व्यवस्था में अब तक 2 लाख खर्च होते थे। अब उसमें 16 फीसदी टैक्स लगाने पर 36 हजार रुपए अतिरिक्त चुकाने होंगे। इसी तरह टेंट का एक लाख का सामान लगाने पर 18 हजार टैक्स भुगतान करना होगा।

टैक्स बताने पर लग रहा झटका

इस बार जिन घरों में वैवाहिक आयोजन हो रहे हैं उन्होंने इसकी तैयारी भी शुरू कर दी है। नवंबर माह में बंपर वैवाहिक कार्यक्रम होंगे। इसके लिए बारात घरों से लेकर खाने-पीने व अन्य व्यवस्थाओं की बुकिंग भी हो रही है। लेकिन वैवाहिक कार्यक्रम की व्यवस्था में लगे लोगों को टैक्स का झटका तगड़ा लग रहा है। जैसे ही बारात घर संचालक और टेंट हाउस संचालक उन्हें अपने खर्च के साथ टैक्स का हिसाब बताते हैं, बुकिंग करने वाले लोग अपने हाथ पीछे खींच रहे हैं।

पचास फीसदी बढ़ा टेंट का खर्च

होटल और बारात घर में खाने की प्लेट का दाम भी सीधे 18 से 24 फीसदी तक बढ़ गया है। 23 नवंबर को अपनी बेटी का विवाह कर रहे विनोद सिंह ने बताया कि बारात घर बुक करने से लेकर टेंट, कपड़े व ज्वेलरी में उन्हें जीएसटी का असर दिख रहा है। इससे पहले भतीजे की शादी की थी, जिसमें टेंट पर उन्हें 80 हजार का खर्च आया था। इस बार सवा लाख रुपए के लगभग खर्च लग रहा है। खाने का खर्च भी दो गुना हो गया है। एक हजार लोगों को खाना खिलाने में ढाई लाख रुपए का बजट पहुंच रहा है। उस हिसाब से अपनी बेटी की शादी में अगर कोई 10 लाख रुपए खर्च कर रहा है तो उसे डेढ़ लाख रुपए अलग से टैक्स के रूप में देने होंगे।

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *