जबलपुर में एबीवीपी को झटका

जबलपुर नगर प्रतिनिधि।जबलपुर संस्कारधानी में अखिल भारतीय विद्यार्थी परिषद को जबरदस्त झटका मिला है। जबलपुर में केवल एक ही कॉलेज st aloysius college jabalpur की जीत से संतोष करना पड़ा,जबकि रानीदुर्गावती सहित अन्य सभी बड़े कॉलेज में एनएसयूआई का परचम लहराया।

छात्र संघ चुनाव २०१७ के लिये आज शहर के २३ में से २२ कॉलेजो में चुनाव हुए । सुबह ८ बजे से शुरू हुई चुनावी प्रक्रिया में १० बजे तक सीआर के लिये वोटिंग हुई उसके बाद वोटों की गिनती कर सीआर का चयन किया गया। सुबह से शुरू हुए चुनावों में चाक चौबंद व्यवस्था के बीच कई जगह विवाद की स्थिति बनी तो कई जगह हंगामा हुआ।अनेक कालेजों में निर्विरोध कक्षा प्रतिनिधि चुने गए। एनएसयूआई ने अपने ५० से ज्यादा सीआर प्रत्याशियों को रात से निगरानी में रखा है। इन्हें सुबह वोटिंग से ठीक पहले ही बसों से कॉलेजों तक पहुंचाया गयाा। उनसे कहा गया कि किसी के दबाव में न आएं। कोई पदाधिकारी के पक्ष में वोट देने के लिए दबाव बनाता है तो सीधे फोन पर संगठन को इसकी सूचना दे। वहीं विद्यार्थी परिषद ने भी अपने लोगो को अलग-अलग टीमो में बांटकर अपने पक्ष के सीआर को कॉलेज पहुंचाया पूरे प्रक्रिया के दौरान विद्यार्थी परिषद् की दो टीमे काम कर रही थी। एक पर्दे के पीछे रहकर चुनाव प्रक्रिया और उसकी बारिकियों पर नज़र रखे हुई थी। जिससे कोई भी तकनीकी खामी न हो जाये साथ ही जीतने वाले सीआर को अपने पक्ष में रखा जा सके वहीं दूसरी टीम जिसमें ज्यादातर युवा मोर्चा के कार्यकर्ता थे वे अलग-अलग जगहो पर जाकर हंगामा और हुड़दंगी करते रहे जिससे माहौल बना रहे।

घरों से ही हो गए गायब
मतदान के एक दिन पहले यानी रविवार की शाम ५ बजे तक प्रचार का समय दिया गया था छात्र संगठनों ने घर-घर दस्तक दी। इस बीच भाजपा का एक गुट पूरी तरह से सक्रिय हो गया है और हर स्तर पर चुनाव जीतने की रणनीति बनाई जा रही है। देर रात तक प्रत्याशियों से लेकर उनके परिजनों तक से सम्पर्क किया गया और हॉस्टलों में धमकाने तक के प्रयास हुए। बताया जाता है कि कुछ सीआर अपने घरों से ही गायब हो गए हैं। उनके परिजन भी कुछ बोलने को तैयार नहीं हैं। ये किसी दबाव में गायब हुए हैं या छात्र संगठनों के परेशान करने के कारण ही छिपे बैठे हैं, यह साफ नहीं हो पाया, क्योंंिक किसी ने भी पुलिस से सम्पर्क नहीं किया।

ओएफके कॉलेज में ९ कक्षा प्रतिनिधि निर्विरोध
ओएफके ऐसा कॉलेज है जहां कक्षा प्रतिनिधियों के लिए मतदान नहीं हुआ। यहां कक्षा प्रतिनिधि सीधे पदाधिकारियों के लिए वोट करेंगे। यहां कुल १४ कक्षाएं हैं, जिनमें से ९ कक्षा प्रतिनिधि निर्विरोध निर्वाचित हो चुकी हैं जबकि ५ में मनोनयन हो चुका है।
जानकीरमण में सभी कक्षा प्रतिनिधि निर्विरोध
जानकीरमण महाविद्यालय में कक्षा प्रतिनिधि के लिए हुए चुनावों में सभी ११ प्रतिनिधि निर्विरोध निर्वाचित हुए। इस दौरान पर्यवेक्षक प्रदीप तिवारी मौजूद रहे। चुनाव प्रक्रिया शांतिपूर्ण तरीके से निपटायी जा रही है जिसमें प्राचार्य डॉ अभिजात कृष्ण त्रिपाठी, डॉ आनन्द सिंह राणा, गंगादत्त त्रिपाठी ने लगातार चुनाव प्रक्रिया पारदर्शिता के साथ संपन्न कराने में जुटे हुए हैं। एसडीएम अंशुल गुप्ता, सीएसपी सीताराम यादव, और लार्डगंज थाना प्रभारी सुशील चौहान कॉलेज में मौजूद हैं।

रादुविवि गर्ल्स हॉस्टल में विवाद
सीआर के लिये वोट डालने का जैसे ही समय समाप्त होने को आया एकाएक विद्यार्थी परिषद् और भाजपा नेताओं का जमावड़ा विश्वविद्यालय के गर्ल्स हॉस्टल के सामने लग गया। जो देखते ही देखते नारे बाजी और हुड़दगंी में बदल गया। परिषद् का आरोप था कि छात्रावास की कुछ सीनियर छात्राएं व वार्डन मिलकर चुनावों को प्रभावित कर रही है। साथ ही यहां चुनावी कैम्पेन भी चलाई जा रही है। मामले की गंभीरता को देखते हुए। विवि के कुलपति और चुनाव प्रभारी तत्काल मौके पर पहुंचे और उन्होने शिकायत को गंभीर से लेते हुए जांच की बात कहीं। विवाद समाप्त हो जाने के बाद एक बार फिर लगभग एक बजे फिर से भाजपा और परिषद् के कार्यकर्ता विवि पहुंच गये और उन्होनें छात्रावास की गतिविधियों और विवि की कार्यप्रणाली को लेकर धरने पर बैठ गये।

यूथ कांग्रेस – युवा मोर्चा आमने-सामने
जैसे ही युवा मोर्चा हॉस्टल के सामने से हटा तभी पीछे से यूथ कांग्रेस के कार्यकर्ता हॉस्टल आ पहुंचे उन्होनें आरोप लगाया कि जब पूरे क्षेत्र में धारा १४४ लगी है तो फिर परिषद् और युवा मोर्चा के लोग कैसे यहां जमावड़ा लगाए हुए है। मौके पर मौजूद पुलिस बल ने उन्हें समझाईश देकर पीछे किया इसी दौरान यूथ कांग्रेस और युवा मोर्चा के कार्यकर्ता आमने-सामने आ गये और फिर दोनो के बीच जमकर नारे बाजी हुई। जो लगभग आधे घंटे तक चलती रही बाद में पुलिस ने हल्का बल प्रयोग करके के दोनो ही संगठन के लोगो को खदेड़ दिया।

जी.एस. में चुनाव रद्द्
२३ कॉलेजो में हो रहे छात्र संघ चुनाव में से एक कॉलेज का चुनाव प्रशासन द्वारा रद्द कर दिया गया। जी एस कॉलेज के द्वारा सुबह तक सभी छात्रो को पहचान पत्र प्रदान नही करे गये थे। जिसके चलते विद्यार्थी परिषद् चुनाव रद्द् करने की मांग कर रहा था। जानकारी के मुताबिक एनएसयूआई और एबीवीपी दोनो ही जीएस कॉलेज में अपने-अपने समीकरण बना रहे थे। कुछ छात्र नेता अपने करीबियों को परिचय पत्र दिलवाकर विपक्षियों को वोटिंग से दूर रखने की तैयारी में थे। जिसके चलते चुनाव निरस्त कर दिया गया।

सांसद बंगले से निकल रहे सीआर
१०ः३० से ११ बजे के बीच जब सीआर के वोटिंग की गिरती खत्म हो गई और अध्यक्ष, उपाध्यक्ष आदि पदो के लिये नामांकन की प्रक्रिया शुरू हुई तो अखिल भारतीय विद्यार्थी परिषद् के नेता अपने पक्ष के सीआर को सासंद बंगले से निकालते देखे गये। एबीवीपी के लोग अपने सीआर को सांसद बंगले से बाहर निकालकर महाकौशल और साइंस कॉलेज की ओर ले गये।

मौके पर पहुंचे विधायक
सीआर की वोटिंग के बाद टॉपर सीआर और निर्विरोध सीआर कॉलेज के अन्दर जाने लगे तब महाकौशल कॉलेज के गेट पर मौसमी पाण्डे नाम सीआर को पुलिस द्वारा रोक दिया गया। इसी दौरान कांग्रेस विधायक तरूण भनोत मौके पर पहुंच गये और पुलिस से तीखी बहस हुई इसी विवाद में एमआईसी सदस्य कमलेश अग्रवाल भी कूद पड़े बाद में पुलिस ने कॉलेज प्रबंधन से छात्रा के बारे में जानकारी लेकर उसे अन्दर जाने दिया। इसी दौरान भाजपा से विधायक ईश्वर दास रोहाणी भी मौके पर पहुंच गये।

छात्राओं में उत्साह
पूर्व के छात्र संघ चुनाव में ज्यादातर देखा जाता था कि छात्राएं चुनाव से दूरी बनाये रखती थी। लेकिन इस दफा बड़ी संख्या में न केवल छात्राएं वोट डालने कॉलेज पहुंची बल्कि चुनावी प्रक्रिया में भी बड़ चढ़ कर हिस्सा लिया। सेंट अलॉयसियस, महाकौशल, साइंस, विवि, के आसपास छात्राओं का जमघट लगा रहा जो दोनो पक्षो से लड़को के साथ मिलकर जमकर शोर-शराबा करती रही।

छावनी बनी सिविल लाईन
वैसे तो छात्रसंघ चुनाव जिले के २३ कॉलेजो में होना था। लेकिन सबसे ज्यादा सुरक्षा व्यवस्था सिविल लाईन में रही सदर और सिविल लाईन में तीन सीएसपी, दो एड.एसपी सहित आधा दर्जन टीआई तैनात रहे। इसके अलावा डिलाईट टॉकीज पर वज्र की दौ गाड़िया तत्काल एक्शन के लिये रिजर्व खड़ी रही। इस क्षेत्र में महाकौशल, सांइस, जीएस कॉलेज के साथ विवि होने की वजह से खास संवेदनशीलता बरती गई।
नहीं मिला अन्दर जाने
वोटिंग के दौरान कॉलेज कैम्पस और आस-पास किसी भी ऐसे व्यक्ति को नहीं रूकने दिया गया जो कॉलेज का छात्र नही था। कॉलेज से काफी पहले ही बैरिकेट लगाकर आई कार्ड की जांच की गई। इस दौरान कॉलेज में मोबाईल और पर्स ले जाना भी पूरी तरह से प्रतिबंधित रहा।

भाजपा बनाम कांग्रेस बना चुनाव
छात्र संघ चुनाव अपने आखिरी चरण तक पहुचंते पहुचंते पूर तरह से राजनैतिक रंग में रंग गये। जिसमें भाजपा व कांग्रेस के नेता खुलकर आमने-सामने आ गये। पहले जहां भाजपा संगठन के लोग और कांग्रेस के युवा चेहरे पर्दे के पीछे से काम कर रहे थे। वे आज सुबह खुलकर काम करते देखे गये और दोपहर में तो दोनो ही दलो के जनप्रतिनिधी चुनावों में कूद गये। इस दौरान भाजपा की ओर से विधायक अशोक रोहाणी, एमआईसी सदस्य कमलेश अग्रवाल, जय सचदेवा, रंजीत पटैल, उपेन्द्र धाकड़, अनिकेत चौरसिया, शुभम दुबे शानू वहीं कांग्रेस की ओर से विधायक तरूण भनोत, शशांक दुबे, रत्नेश अवस्थी, अमरीश मिश्रा, अभिषेक यादव, रितेश तिवारी, चिंटू चौकसे चुनावो में सक्रिय रहे।
सभी के फोन बंद
चुनावी प्रक्रिया के दौरान जब वोटो की गिनती चल रही थी। उस समय सभी चुनावी अधिकारियों सहित विवि के कुलपति, रजिस्ट्रार व कॉलेज के प्राचार्यो व चुनाव अधिकारियों के फोन बंद हो गये। जिसके चलते दोनो ही छात्र संगठन के नेता अपनी शिकायतों और समस्याओं को लेकर परेशान होते रहे।

 

 

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