धारा 35A पर सुप्रीम कोर्ट में सुनवाई 8 हफ्ते के लिए टली

श्रीनगर। जम्मू-कश्मीर में धारा 35A को लेकर सुप्रीम कोर्ट में सोमवार से होने वाली सुनवाई 8 हफ्ते के लिए टल गई है। इस मुद्दे पर अटॉर्नी जनरल ने 6 महीने तक सुनवाई टालने की अपील की थी। अदालत ने उनकी अपील पर गौर करते हुए 6 महीने की बजाय केवल 8 हफ्ते के लिए सुनवाई को टाल दिया है।

बता दें कि इस मामले पर पूरे देश की नजरें टिकी हुईं थी। सुनवाई शुरू होने के पहले अलगाववादियों ने धमकी दी थी। उनका कहना है कि अगर न्यायालय का फैसला इस धारा को किसी भी तरह से प्रभावित करता है तो वह जनांदोलन शुरू कर देंगे। इस धारा के साथ छेड़खानी कश्मीर में भी फिलिस्तीन जैसी स्थिति पैदा कर देगी।

ऑल पार्टी हुर्रियत कांफ्रेंस के कट्टरपंथी गुट के चेयरमैन सैयद अली शाह गिलानी,उदारवादी हुर्रियत प्रमुख मीरवाइज मौलवी उमर फारूक और जम्मू-कश्मीर लिबरेशन फ्रंट के चेयरमैन मुहम्मद यासीन मलिक ने अन्य अलगाववादी संगठनो के साथ विचार विमर्श के बाद एक साझा बयान जारी कर कहा कि सुनियोजित साजिश के तहत ही धारा 35A के खिलाफ अदालत में याचिका दायर की गई है।

अलगाववादी खेमे ने कहा कि जम्मू-कश्मीर में जारी आजादी की तहरीक को मिटाने और राज्य में मुस्लिमों को अल्पसंख्यक बनाने की साजिश के तहत ही धारा 35ए को अदालत में चुनौती दी गई है, लेकिन हम जम्मू-कश्मीर के जनसांख्यिकी चरित्र को बदलने, आजादी की तहरीक को नुकसान पहुंचाने की इजाजत नहीं देंगे।

हुर्रियत नेताओं ने कहा कि वह इस मुद्दे पर कश्मीर के विभिन्न सामाजिक संगठनों के अलावा मजहबी नेताओं के साथ भी संपर्क में हैं ताकि जम्मू-कश्मीर के मुस्लिमों के खिलाफ साजिशों को नाकाम बनाने के लिए एक रणनीति तय किया जा सके। इसके साथ हुर्रियत ने लोगों से कहा कि अगर सोमवार को धारा 35ए के खिलाफ अदालत का फैसला आता है तो वह बड़ा जनांदोलन शुरू करें।

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *