एशिया कप जीतने औऱ छठ पर्व की बधाई के साथ PM की मन की बात

नई दिल्ली। पीएम मोदी ने रविवार को ‘मन की बात’ के 37वें संस्करण में देश की जनता को संबोधित कर रहे हैं।पीएम मोदी ने बिहार के लोकपर्व छठ पर्व पर शुभकामनाओं के साथ मन की बात की शुरुआत की। इसके बाद उन्होंने खादी की बढ़ती बिक्री पर बात की।

‘मन की बात’ पर उन्‍होंने कहा कि इसकी सराहना भी होती है और आलोचना भी होती है। लेकिन इसके प्रभाव से पता चलता है कि मन की बात लोगों से बंध चुकी है। पीएम मोदी के मन की बात का प्रसारण सुबह 11 बजे से ऑल इंडिया रेडिया और दूरदर्शन पर प्रसारित किया जा रहा है।

प्रकृति की उपासना से जुड़ा छठ पर्व –

पीएम मोदी ने कहा कि दीपावली के छह दिन बाद मनाया जाने वाला छठ पर्व हमारे देश में सबसे अधिक नियम और निष्ठा के साथ मनाए जाने वाले त्योहारों में से एक है। यह प्रकृति की उपासना से जुड़ा हुआ। आस्था के इस महापर्व में उगते और अस्त होते सूर्य की आराधना होती है। दुनिया उगते हुए लोगों की पूजा में लगी रहती है लेकिन यह पर्व डूबते की पूजा का भी संदेश देता है। इस मौके पर सब मिलकर सफाई करते हैं। यह रोग निवारण और अनुशासन का पर्व है। छठ पर्व में प्रसाद मांगकर खाने की भी परंपरा रही है। कहा गया है कि इससे अहंकार नष्ट होता है।

खादी और हैंडलूम में बिक्री में बढ़ोतरी –

उन्‍होंने बताया कि खादी और हैंडलूम में बिक्री में बढ़ोतरी हुई है। दिल्ली के एक खादी के स्टोर में बहुत बढ़ोतरी हुई है। खादी की बिक्री में करीब 90 फीसद की बढ़ोतरी देखने को मिली है। खादी ग्रामीण विकास का साधन बनकर उभर रहा है। यह खादी फोर नेशन और खादी फोर फैशन के बाद खादी फोर ट्रांसफॉर्मेशन बन रहा है। धनतेरस के दिन दिल्‍ली के खादी स्‍टोर में 1 करोड़ रुपए से ऊपर की बिक्री हुई।

फिर सुरक्षाबलों के साथ मनाई दिवाली –

प्रधानमंत्री ने बताया, ‘मुझे दिवाली पर एक बार फिर सुरक्षाबलों के साथ त्योहार मनाने का मौका मिला। यह अविस्मरणीय रहा। जवानों के संघर्ष और समर्पण के लिए मैं उनका आदर करता हूं। हमारे सुरक्षाबल के जवान न सिर्फ सीमा पर बल्कि दुनियाभर में शांति के लिए काम कर रहे हैं।

महिला सुरक्षाबलों ने भी पूरी दुनिया में शांति स्थापित करने में मदद की –

24 अक्टूबर को संयुक्त राष्ट्र दिवस मनाया गया। भारत शुरू से ही यूएन के साथ काम करता रहा है। भारत में नारी समानता में हमेशा जोर दिया है और यूएन डिक्लेरेशन ऑफ ह्यूमन राइट भी इसका प्रमाण है। 18000 से अधिक सुरक्षाबलों ने दुनियाभर में शांति स्थापित करने में अपनी सेवाएं दी हैं। यह पूरे विश्व में तीसरी सबसे बड़ी संख्या है। महिला सुरक्षाबलों ने भी पूरी दुनिया में शांति स्थापित करने में मदद की है। आपको गर्व होगा कि भारत की भूमिका 85 देशों को प्रशिक्षण देने का भी काम में भी है।

भगिनी निवेदिता और वैज्ञानिक जगदीश चंद्र बसु संवेदना के बड़े उदाहरण –

कैप्टेन गुरुवचन सिंह सलारिया को कौन भूल सकता है। उन्होंने कॉन्गो में खुद को कुर्बान कर दिया। भारत शांति दूत के रूप में हमेशा से एकता का संदेश देता रहा है। हमारी पुण्यभूमि ऐसे महान लोगों से सुशोभित रही है जिन्होंने निस्वार्ण भाव से लोगों की सेवा की है। भगिनी निवेदिता भी उनमें से एक थी। उन्होंने नाम के अनुरूप खुद को सिद्ध करके दिखाया। कल उनकी 150वीं जयंती थी। वह स्वामी विवेकानंद से प्रभावित थीं। गिनी निवेदिता और वैज्ञानिक जगदीश चंद्र बसु संवेदना के बड़े उदाहरण हैं। वह चाहतीं तो आरमदायक जीवन जी सकती थीं लेकिन लोगों की सेवा में उन्होंने जीवन समर्पित कर दिया।

खानपान और दिनचर्या पर ध्यान देने की जरूरत –

समाज और परिवार को खानपान और दिनचर्या पर ध्यान देने की जरूरत है। परिवारीजन जागरूकता पूर्वक बच्चों को शिक्षा दें। उन्हें स्वस्थ्य रहने के तरीके सिखाएं।

एशिया कप जीतने की बधाई –

दस साल बाद भारत ने एशिया कप जीता। मैं पूरी हॉकी टीम को बधाई देता हूं। मैं शटलर किदांबी श्रीकांत को भी डेनमार्क ओपन जीतने और देश को गौरवान्वित करने के लिए बधाई देता हूं।

नानक जी ने पैदल ही 28 हजार किलोमीटर की यात्रा की –

किले और धरोहरों की साफ सफाई और देखभाल की जिम्मेदारी हम सबकी है। आने वाले 4 नवंबर को गुरुनानक जयंती है। हम उन्हें याद करते हैं। नानक जी ने पैदल ही 28 हजार किलोमीटर की यात्रा की और लोगों को बराबरी का संदेश दिया। 2019 में हम गुरुनानक देव जी का 550वां प्रकाश पर्व मनाएंगे।

इससे पहले हुए कार्यक्रम में पीएम ने लोगों को एनएम मोबाइल ऐप या टोल फ्री नंबर 1800-11-7800 पर अपने सुझाव भेजने की गुजारिश की थी। बता दें कि पिछली बार मन की बात को 3 साल पूरे हुए थे। इस मौके पर पीएम ने स्वच्छता को लेकर उठाए जाने वाले गंभीर कदमों का जिक्र किया। उन्होंने लोगों को अपील करते हुए जागरुक किया और कहा कि वे आगे बढ़कर स्वच्छता अभियान में हिस्सा लें।

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