जिस मंदिर में कर्ण ने की थी पूजा, अब उसे देंगे नया लुक

जबलपुर। तेवर स्थित जिस त्रिपुर सुंदरी मंदिर कर्ण ने पूजा की थी अब उसे स्मार्ट सिटी से सजाया, संवारा जाएगा। गुरुवार को इसके लिए दिल्ली से पुरात्वविद भी पहुंचे। उन्होंने निगम अधिकारियों के साथ निरीक्षण कर देखा कि ऐतिहासिक महत्व के इस मंदिर को कैसे नए सिरे से बनाया जा सकता है।

दरअसल, देशभर में विख्यात कल्चुरि कॉलीन त्रिपुर सुंदरी मंदिर को स्मार्ट सिटी में शामिल कर लिया गया है। एससीएलजे (स्मार्ट सिटी लिमिटेड जबलपुर) ने नया स्वरूप देने की तैयारी में है। इसके लिए पुरात्व विभाग दिल्ली से अनुमति लेने पत्र भी लिखा गया है हालांकि अभी तक वहां से कोई जवाब नहीं आया था, लेकिन गुरुवार को पुरात्वविद बीजी सक्सेना जबलपुर पहुंचे और निगम अधिकारियों के साथ तेवर मंदिर का निरीक्षण किया। पुरात्व विभाग से अनुमति मिलने के बाद ही मंदिर की नई ड्राइंग डिजाइन और डीपीआर तैयार की जाएगी।

बरकरार रहेगा महत्व

स्मार्ट सिटी के सीईओ का कहना है कि मंदिर के बाहरी ढांचा को ही नए सिरे से बनाने का प्लान बनाया जा रहा है। इसके ऐतिहासिक महत्व से किसी प्रकार की छेड़छाड़ नहीं की जाएगी। इसी वजह से पुरात्व विभाग को अनुमति के लिए पत्र लिखा गया था लेकिन अभी कोई जबाव नहीं आया है।

ट्रस्ट के जिम्मे है देखरेख

त्रिपुर सुंदरी मंदिर की देखरेख वर्तमान में ट्रस्ट कर रहा है। पिछले कुछ सालों में मंदिर के आसपास नया निर्माण भी हुआ है जिसके बाद उसका स्वरूप बदलता जा रहा है। यह काम फिलहाल ट्रस्ट के माध्यम से ही होता है।

क्या है मंदिर का महत्व

जबलपुर से 7 किलोमीटर की दूरी पर तेवर ग्राम में स्थित त्रिपुर सुंदरी मंदिर कल्चुरि कॉलीन है। इतिहासकारों का कहना है कि राजा कर्ण यहां पर पूजा किया करते रहे। मंदिर के भीतर तीन देवियों के विग्रह हैं जिन्हें महालक्ष्मी, महा सरस्वती और महाकाली कहा जाता है। वैसे तो मंदिर में 12 महीने श्रद्घालुओं का तांता लगा रहता है, लेकिन चैत्र और कुंवार की नवरात्र में यहां लोग उपासना के लिए 24 घंटे पहुंचते हैं। ऐसा माना जाता है कि यह तंत्र साधना के लिए भी विशेष मंदिर है।

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *