आज का गुडलक: इस मुहूर्त में करें पूजन, विजयलक्ष्मी दूर करेंगी दरिद्रता

आज शुक्रवार दी॰ 27.10.17 कार्तिक शुक्ल सप्तमी के उपलक्ष्य में देवी विजय लक्ष्मी का पूजन श्रेष्ठ रहेगा। कलयुग में धन के बिना संसार का कोई सुख संभव नहीं है। संसार में अनेक प्रकार के दुःख हैं। दरिद्र्ता के दुःख से बढ़कर कोई बड़ा दुःख नहीं है। यही मनुष्य की सबसे बड़ी हार भी है। व्यक्ति गरीबी के कारण ही संसार में हर जगह पर हार का सामना करता है। दरिद्रता के निवारण और सांसारिक जीत के लिए देवी महालक्ष्मी के विजयालक्ष्मी स्वरुप का पूजन श्रेष्ठ सिद्ध होता है। विजय लक्ष्मी को शास्त्रों में जया लक्ष्मी भी कहकर संबोधित किया गया है। विजयालक्ष्मी को जीत का प्रतीक माना जाता है। इस स्वरुप में महादेवी लाल वस्त्रों से सुसज्जित हैं, उनके देह पर सुसज्जित हीरे, मोती व रत्नजड़ित स्वर्णभूषण अपनी शोभा बढ़ाते हैं। विजयालक्ष्मी कमल के फूल पर विराजमान है। इनकी आठ भुजाओं में क्रमश: चक्र, शंख, कमल, तलवार, भाल, ढाल व एक हाथ अभय व दूसरा वर की मुद्रा में है। कार्तिक शुक्रवार पर देवी विजयालक्ष्मी के विशेष पूजन व उपाय से हर क्षेत्र में जीत मिलती है, दारिद्रता दूर होती है तथा व्यक्ति दुखों से मुक्ति पाता है।
पूजन विधि: मध्यान में ईशान मुखी होकर देवी विजयालक्ष्मी का विधिवत पंचोपचार पूजन करें। गौघृत का दीप करें, चंदन की अगरबत्ती जलाएं, गुलाब का फूल चढ़ाएं, अबीर चढ़ाएं, साबूदाने की खीर का भोग लगाएं तथा इस विशेष मंत्र से 1 माला जाप करें। पूजन के बाद भोग किसी सुहागन को दान दे दें।

पूजन मुहूर्त: शाम 15:27 से शाम 17:42 तक।

पूजन मंत्र: ॐ क्लीं कनकधारायै नमः॥

 

आज का शुभाशुभ
आज का अभिजीत मुहूर्त:
दिन 11:42 से दिन 12:26 तक।

आज का अमृत काल: रात 19:33 से रात 21:20 तक।

आज का राहु काल: प्रातः 10:41 दिन 12:04 तक।

आज का गुलिक काल: प्रातः 07:56 से प्रातः 09:19 तक।

आज का यमगंड काल: शाम 14:50 से शाम 16:13 तक।

यात्रा मुहूर्त: आज दिशाशूल पश्चिम व राहुकाल वास दक्षिण में है। अतः दक्षिण-पूर्व दिशा की यात्रा टालें।

वर्जित मुहूर्त: आज पाताल वासनी भद्रा दिन 14:44 से रात 03:51 तक रहेगी जिसमें शुभ कार्य वर्जित कहे गए हैं।

 

आज का गुडलक ज्ञान
आज का गुडलक कलर:
मैजेंटा।

आज का गुडलक दिशा: वायव्य।

आज का गुडलक मंत्र: ॐ क्लीं कलहायै नमः॥

आज का गुडलक टाइम: शाम 18:00 से शाम 19:00 तक।

आज का बर्थडे गुडलक: दारिद्रता दूर करने के लिए देवी विजयालक्ष्मी का पूजन कर शंख बजाएं।

आज का एनिवर्सरी गुडलक: पारिवारिक दुखों से मुक्ति हेतु विजयालक्ष्मी पर चढ़े 4 कमलगट्टे किचन में छुपाकर रखें।

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