कोर्ट में गवाही- हाजिर होने के लिए पुलिस कर रही WhatsApp का उपयोग

वाट्सप पर तामील हो रहे सम्मन
अधिकारियों को नहीं मिल पाती है जानकारी, कोर्ट से पड़ती है फटकार
जबलपुर, नगर प्रतिनिधि। कोर्ट द्वारा गवाही पेशी या संबंधित मामलों में सरकारी अधिकारियों को हाजिर होने के लिए सम्मन जारी किया जाता है जो तामीली द्वारा अधिकारियों तक पहुंचाया जाता है। लेकिन कानूनी प्रक्रिया में लगने वाले समय के चलते कुछ अधिकारियों के तबादले दूसरे स्थानों पर हो जाते हैं। जिन्हें तामीली द्वारा वहां जाकर सम्मन दिया जाता है लेकिन पिछले कुछ समय से देखा जा रहा है कि पुलिस विभाग में सम्मन वाट्सप के माध्यम से भेजे जा रहे हैं। जिसमे चलते अधिकारियों को सम्मन की जानकारी नहीं मिलती और वे समय पर कोर्ट में शामिल नहीं हो पाते।
नहीं हैं नियम
नियमानुसार सम्मन को तामीली द्वारा व्यक्तिगत रूप से पहुंचाने का नियम है। शासन के आदेशों में कहीं भी वाट्सप मैसेज को मान्यता नहीं दी गयी है लेकिन काम से बचने और समय बचाने के चक्कर में वाट्सप पर ही तामीली करायी जा रही है जिसको लेकर कुछ अधिकारियों ने बताया कि वे यदि चाहे तो ऐसे मैसेजों को नजरअंदाज करके कोर्ट के सामने कह सकते हैं कि उन्हें कोई भी जानकारी नहीं मिली और कभी कभी ऐसा होता भी है।
लटक जाते हैं मामले
सम्मन की समय पर जानकारी न मिलने के कारण संबंधित अधिकारी कोर्ट में उपस्थित नहीं हो पाता जिसके चलते न्याय व्यवस्था पर फर्क पड़ता है और मामले लटक जाते हैं। कभी कभी कुछ अधिकारी ऐसे मैसेजों को नजरअंदाज करके कोर्ट में जाने से बच भी जाती हैं तो कभी कभी अधिकारी काम की व्यस्तता के चलते वाट्सप मैसेज देख ही नहीं पाते।
कोई बड़ी बात नहीं
जब इस विषय पर पुलिस कप्तान शशिकांत शुक्ला से बात की गयी तो उन्होंने कहा कि यह कोई बड़ी बात नहीं है वर्तमान समय में वाट्सप के माध्यम से सम्मन भेजे जा रहे हैं। लेकिन उन्होंने इस बात को भी माना कि नियमानुसार सम्मन तामील होना चाहिए। वाट्सप के माध्यम से भेजा गया सम्मन नियमानुसार नहीं है।

 

 

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