बोर्ड परीक्षा में सुबह सवा आठ बजे तक केंद्र पर पहुंचना जरूरी

भोपाल। हाईस्कूल और हायर सेकंडरी परीक्षा में छात्रों को अब सुबह साढ़े आठ की बजाय सवा आठ बजे परीक्षा केंद्र में प्रवेश करना होगा। उन्हें अब प्रवेश के लिए 15 मिनट का अतिरिक्त समय नहीं दिया जाएगा। यही नहीं, उनके कक्ष में पहुंचने के बाद ही प्रश्न-पत्र का लिफाफा खुलेगा। ऐसा नकल पर नकेल कसने के लिए किया जा रहा है। अभी छात्रों को परीक्षा शुरू होने के 15 मिनट बाद (पौने नौ बजे) तक प्रवेश देने का नियम है।

मप्र माध्यमिक शिक्षा मंडल वैकल्पिक प्रश्नों में होने वाली नकल को रोकने के लिए ऐसा कर रहा है। मंडल को उम्मीद है कि इस निर्णय से नकल पर नकेल कसेगी। पिछले दिनों मंडल की समन्वय संस्थाओं के प्राचार्यों की बैठक में इस प्रस्ताव पर विचार हुआ था। सभी प्राचार्य इस प्रस्ताव से सहमत हो गए। अब मंडल निर्देश जारी करने की तैयारी कर रहा है। संभवत: अगले महीने में ये निर्देश स्कूलों तक पहुंच जाएंगे। ज्ञात हो कि हाईस्कूल व हायर सेकंडरी परीक्षा हर साल मार्च से शुरू होती है।

ऐसे मिलता है अतिरिक्त समय

वर्तमान में परीक्षा केंद्र में प्रश्न पत्रों का लिफाफा सवा आठ बजे खोला जाता है। जबकि साढ़े आठ बजे तक विद्यार्थियों को परीक्षा कक्ष में प्रवेश मिलता है। उत्तर पुस्तिका और प्रश्न-पत्र बांटने में पांच मिनट चले जाते हैं। यानी विद्यार्थी 8:40 बजे तक परीक्षा शुरू करता है। ऐसे में देरी से आने वाले विद्यार्थियों को पौने नौ बजे तक प्रवेश देने का प्रावधान है। इस तरह इन्हें परीक्षा कक्ष में प्रवेश के लिए 10 मिनट का अतिरिक्त समय मिल जाता है।

ऐसे होती है नकल

पिछले सालों में नकल रोकने के लिए गठित दलों (फ्लाइंग स्क्वॉड) की रिपोर्ट से पता चलता है कि सबसे ज्यादा नकल वैकल्पिक प्रश्नों में होती है। 25 अंक के इन प्रश्नों के उत्तर परीक्षा शुरू होने से पहले ही विद्यार्थियों तक पहुंच जाते हैं। मंडल को आशंका है कि सवा आठ बजे प्रश्न-पत्रों का लिफाफा खुलता है, उसी के बाद प्रश्न बाहर आते हैं और परीक्षा कक्ष से बाहर होने के कारण विद्यार्थियों को इसकी तैयारी करने का मौका मिल जाता है।

ये प्रश्न हल होने के बाद विद्यार्थी को उत्तीर्ण होने के लिए सिर्फ सात अंकों की दरकार रहती है, क्योंकि वर्तमान में पासिंग मार्क्स 33 ही हैं। इसलिए अब सवा आठ बजे छात्रों का प्रवेश होने के बाद ही प्रश्न-पत्रों के लिफाफे खोले जाएंगे। उल्लेखनीय है कि पिछले सालों में ऐसे कई मामले सामने आए हैं, जिनमें परीक्षा शुरू होने के ठीक पहले प्रश्न पत्र वॉट्सएप पर आ गए।

पैटर्न बदलने पर भी विचार

सूत्र बताते हैं कि मंडल वैकल्पिक प्रश्नों का पैटर्न बदलने पर भी विचार कर रहा है। हालांकि इसमें अभी अंतिम निर्णय होना शेष है, जो अगले साल ही होगा।

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