इस साल नागपंचमी का त्योहार 15 अगस्त को मनाया जाएगा. इस दिन नाग देवता की फल, फूल, प्रसाद और मंत्रों के साथ सर्पों की पूजा की जाएगी और दुग्ध स्नान कराया जाएगा. नागपंचमी के अवसर पर रुद्राभिषेक का भी खास महत्व है. ऐसी मान्यता है कि ऐसा करने से भगवान शंकर का आशीर्वाद प्राप्त होता है और नाग देवता पृथ्वी को संतुलित करते हुए मानव जीवन की रक्षा करते हैं.

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इस दिन को गरुड़ पंचमी के नाम से भी जानते हैं. नाग देवता के साथ पंचमी के दिन गरुड़ की पूजा भी जाती है और सर्पों से रक्षा की प्रार्थना की जाती है.

नागपंचमी का शुभ मुहूर्त:

नागपंचमी 15 अगस्त को है-

पूजा का सबसे शुभ मुहूर्त – 15 अगस्त को सुबह 05:55 से 8:31 तक

पंचमी तिथि प्रारंभ – 15 अगस्त को सुबह 03:27 बजे शुरू

पंचमी तिथि समाप्ति – 16 अगस्त को सुबह 01:51 बजे खत्म