अमित शाह यहीं नहीं रूके, उन्होंने ममता बनर्जी पर निशाना साधते हुए कहा कि,” हम बंगाल विरोधी नहीं, ममता विरोधी जरूर हैं। ममता बनर्जी ने एनआरसी का भी विरोध किया। लेकिन हम नेशनल सिटीजन रजिस्टर को लेकर प्रतिबद्ध हैं। एनआरसी का मतबल बांग्लादेशी घुसपैठियों को बाहर निकालना है। ममता बताएं कि वो देश की सुरक्षा को आगे रखती हैं या वोट बैंक की राजनीति।”

अमित शाह ने कहा कि, “पहले ममता बनर्जी ने घुसपैठियों को बाहर करने को कहा था। आज वो एनआरसी का विरोध कर रही हैं। एनआरसी की प्रक्रिया किसी भी कीमत पर नहीं रूकेगी। जब से ममता बनर्जी की सरकार आई है, तब से शारदा, रोजवैली, भतीजे का भ्रष्टाचार छाया हुआ है।” पहले यहां रबींद्र संगीत सुनने को मिलता था। मगर जब से ममता सरकार आई है, तब से यहां बम धमाकों की आवाज सुनाई देती है।

इतना ही नहीं अमित शाह ने अपनी रैली में बाधा पहुंचाने को लेकर भी ममता बनर्जी को आड़े हाथों लिया। उन्होंने कहा कि, “बंगाली चैनल के सिग्नल कमजोर कर दिए गए हैं, ताकि लोग हमें नहीं देख सकें। लेकिन अगर आप हमारी आवाज दबाने की कोशिश करेंगे, तो बंगाल के हर जिले में जाएंगे और टीएमसी को उखाड़े फेंकेंगे।” 

ये रैली कोलकाता के मेयो रोड पर हो रही है। इस इलाके में और वहां आसपास की सड़कें तृणमूल कांग्रेस के झंडों से पटी पड़ी हैं। पोस्टर पर लिखा हुआ है ‘एंटी बंगाल भाजपा गो बैक’। सिर्फ सड़क के किनारे ही नहीं यहां तक कि मंच के आसपास भी तृणमूल के झंडों की बाढ़ है। जहां भाजपा की रैली के लिए मंच तैयार किया जा रहा है वहां तृणमूल के झंडे भ्रमित कर देते हैं कि यहां भाजपा की रैली है या तृणमूल की।

तृणमूल का दावा 15 अगस्त की तैयारी में लगाए गए झंडे

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इस बारे में जब तृणमूल के नेताओं से पूछा गया तो उन लोगों का कहना है कि 15 अगस्त की तैयारी के मद्देनजर तृणमूल के झंडों और हमारी नेता ममता बनर्जी के पोस्टरों से सजा रहे हैं। इसमें अमित शाह की मीटिंग का कोई मामला नहीं है। वैसे यह पहली बार नहीं है। इससे पहले जून में अमित शाह के पुरुलिया व वीरभूम दौरा हो या फिर 16 जुलाई को पीएम नरेंद्र मोदी की सभा। तृणमूल कार्यकर्ताओं ने पूरे इलाके को ममता व तृणमूल के झंडे से पाट दिया था।

भाजपा का पलटवार

बंगाल भाजपा के महासचिव राजू मुखर्जी ने कहा, यह अच्छी बात है कि वे अमित शाह का स्वागत कर रहे हैं, ऐसा उन्होंने पश्चिमी मेदिनीपुर और पुरुलिया में भी किया था, यह अच्छी अनुभूति दे रहा है कि ममता की पार्टी अमित शाह का स्वागत कर रही है। यह तृणमूल की रणनीति है कि वह अपने झंडों के जरिए इलाके में अपना दबदबा दिखाए। इसलिए अब बीजेपी मेयो रोड पर अपने झंडे लगाने की तैयारी में है। जिसके बाद भाजपा की रैली के इस इलाके में दोनों पार्टियों के बीच फ्लैग वॉर होने की पूरी उम्मीद है।

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