चुनावों में नहीं हो पाएगा व्‍हाट्सएप का गलत इस्तेमाल, अपशब्द लिखे तो हो जाएगा अकाउंट ब्लाक

नई दिल्ली। आने वाले चुनावों में व्‍हाट्सएप के जरिये अपशब्द भरी राजनीतिक बयानबाजी को नहीं फैलाया जा सकेगा। व्‍हाट्सएप ने स्पष्ट कर दिया है कि वह चुनावों के वक्त इस तरह के संदेश प्रसारित करने वाले अकाउंट पर रोक लगाते हुए उसे ब्लॉक कर देगा। इस बारे में व्‍हाट्सएप चुनाव आयोग और राजनीतिक दलों के प्रतिनिधियों को जानकारी दे चुका है। भारत की चिंताओं को देखते हुए व्‍हाट्सएप ने यहां अपना एक स्थानीय प्रतिनिधि भी नियुक्त करने का फैसला किया है।

सरकार की तरफ से अफवाहों और फेक न्यूज को रोकने की दिशा में भेजे गए दूसरे नोटिस के जवाब में व्‍हाट्सएप ने कहा है कि वह अपने प्लेटफार्म का गलत इस्तेमाल होने से रोकने का हर संभव प्रयास कर रहा है। कर्नाटक के चुनाव में उसने ऐसे कई अकाउंट की पहचान की थी जिनका व्यवहार अवांछनीय पाया गया था। ऐसे सभी अकाउंट पर उस समय रोक लगा दी गई थी।

27 जुलाई को सूचना प्रौद्योगिकी मंत्रालय को भेजे गए अपने जवाब में व्‍हाट्सएप के डायरेक्टर एंड एसोसिएट जनरल काउंसिल ब्रायन हैंसी ने लिखा है कि चुनाव आयोग और राजनीतिक दलों के प्रतिनिधियों से व्‍हाट्सएप सीधे इस संबंध में बात कर चुका है। व्‍हाट्सएप का कहना है कि वह बिना किसी राजनीतिक पक्षपात के इस तरह के अवांछित संदेशों को रोकने की व्यवस्था कर रहा है।

इसे भी पढ़ें-  Filmfare Awards 2018: रेड कार्पेट पर देखने को मिला नए और पुराने सितारों का फैशन

सूचना प्रौद्योगिकी मंत्रालय ने पहले तीन जुलाई को व्‍हाट्सएप को पत्र लिखकर अफवाहें फैलाने वाले संदेशों पर रोक लगाने को कहा था। व्‍हाट्सएप ने उसके बाद कुछ कदम उठाए थे, लेकिन सरकार उन कदमों से संतुष्ट नहीं थी। लिहाजा 19 जुलाई को सरकार ने फिर पत्र लिखकर व्‍हाट्सएप को आगाह करते हुए और सख्त कदम उठाने को कहा था।

छवि खराब करने वाले संदेश होते हैं चिंता का विषय

ब्रायन ने इसके जवाब में कहा है कि उनकी संस्था चुनावों में व्‍हाट्सएप के दुरुपयोग को लेकर सरकार की इस चिंता को समझती है। खासतौर पर चुनाव के दौरान अफवाह फैलाने से लेकर अपशब्दों के जरिये छवि खराब करने वाले संदेश अधिक चिंता की वजह बनते हैं। इसलिए व्‍हाट्सएप भारत में होने वाले आगामी चुनावों को लेकर अधिक संवेदनशील है।

इसे भी पढ़ें-  News with Coffee

सरकार के साथ मिलकर काम करेगी कंपनी

व्‍हाट्सएप ने माना है कि इस संबंध में तत्काल कदम उठाए जाने की जरूरत है। कंपनी का कहना है कि वह इस मामले में सरकार के साथ मिलकर काम करेगी। इसीलिए भारत में एक स्थानीय प्रतिनिधि नियुक्त करने का निर्णय हुआ है। यह प्रतिनिधि अपनी टीम गठित कर स्थानीय चिंताओं के संबंध में काम करेगा।

संदेशों का पता लगाने से हो सकता है निजता का उल्लंघन 

ब्रायन ने अपने पत्र में व्‍हाट्सएप पर संदेश फारवर्ड करना सीमित करने जैसे कदमों का ब्यौरा भी दिया है। साथ ही व्‍हाट्सएप के दुरुपयोग को रोकने के लिए अवांछनीय अकाउंट बंद करने जैसे कदम उठा रहा है। लेकिन संदेशों के स्त्रोत का पता लगाने के बारे में व्‍हाट्सएप का कहना है कि लोगों के निजी संदेशों में स्त्रोत का पता लगाना उनकी निजता के अधिकार के हनन की श्रेणी में आ सकता है।

Leave a Reply