सुप्रीम कोर्ट में अयोध्या केस सुनवाई के दौरान वकील ने कहा हिंदू तालिबानियों ने ढहाई मस्जिद

नई दिल्ली। सुप्रीम कोर्ट में अयोध्या केस पर सुनवाई जारी है। शुक्रवार को मुस्लिम पक्ष की दलीलें सुनने के दौरान शिया वक्फ बोर्ड ने कोर्ट को कहा कि वो इलाहाबाद हाईकोर्ट द्वारा मुसलमानों को दी गई जमीन मंदिर के लिए देना चाहता है। कोर्ट में शिया बोर्ड की तरफ से पेश हुए वकील ने कहा कि बोर्ड इस मुद्दे का शांति से समाधान चाहता है।

उन्होंने कहा कि बाबरी मस्जिद की कस्टडी एक शिया के पास थी और सुन्नी वक्फ बोर्ड या किसी अन्य को इस मामले में बोलने का कोई हक नहीं है। वहीं शिया वक्फ बोर्ड के प्रमुख वसीम रिजवी ने कहा कि अयोध्या में विवादित जगह पर कभी मस्जिद थी ही नहीं और हो भी नहीं सकती। वो भगवान राम की जन्मस्थली है और वहीं राम मंदिर बनेगा। बाबर के हमदर्द हारेंगे।

वहीं इस दौरान सुन्नी वक्फ बोर्ड की तरफ से कोर्ट में पेश हुए वकील राजीव धवन ने कहा कि शिया वक्फ बोर्ड को इस केस में बोलने का कोई अधिकार नहीं है। जैसे तालिबान ने बामियान को तालिबानयों ने ध्वस्त किया था वैसे ही हिंदू तालिबानियों ने बाबरी मस्जिद ढहाई है।

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मामले में अगली सुनवाई 20 जुलाई को होगी।

बता दें कि सुप्रीम कोर्ट में राम मंदिर भूमि विवाद पर जारी सुनवाई में मुस्लिम पक्षों की दलीलें सुनी जा रही है। मुस्लिम पक्ष से पहले चीफ जस्टिस दीपक मिश्रा, जस्टिस अशोक भूषण और जस्टिस एस ए नजीर की विशेष पीठ ने 17 मई को हिंदू संगठनों की तरफ से पेश दलीलें सुनी थीं।

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