इन अंडों को ‘चाइनीज अंडे’ भी कहा जाता है, जिसे बनाने के लिए केमिकल्स का इस्तेमाल किया जाता है। सफेद भाग बनाने के लिए सोडियम अल्जिनेट नाम के केमिकल को गर्म पानी में मिलाकर उसमें जिलेटिन, ऐलम और बेन्जोइक डाला जाता है। वहीं, अंडे का पीला भाग बनाने के लिए इसमें थोड़ा पीला रंग मिला दिया जाता है।

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कैल्शियम क्लोराइड की मदद से अंडे का छिलका तैयार किया जाता है। नकली अंडों को बहुत ही सफाई के साथ बनाया जाता है, जिसके चलते इन्हें देखकर असली या नकली के बीच का अंदर कर पाना आसान नहीं होता है।

मगर, कुछ ऐसे तरीके हैं, जिनसे आप नकली अंडों की पहचान कर सकते हैं। जानते हैं इसके बारे में…

नकली अंडे का छिलका असली अंडे की तुलना में थोड़ा सख्त और खुरदुरा होता है।

अंडे को थपथपाने पर नकली अंडे से आने वाली आवाज, वह असली अंडे की तुलना में थोड़ी कम करारी होती है।

अगर नकली अंडे को तोड़कर कुछ समय के लिए छोड़ दें, तो इसका सफेद और पीला द्रव्य एक-दूसरे के साथ मिल जाता है, क्योंकि वो दोनों एक ही पदार्थ से बने होते हैं।

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असली अंडा पक जाने पर पानी में डूब जाता है, लेकिन नकली अंडा पकने के बाद भी पानी में नहीं डूबता।

नकली अंडे को कई दिनों तक खुले में छोड़ देने पर भी इन पर मक्खियां या चीटियां नहीं आती हैं।