बालाघाट। प्रथम अपर सत्र न्यायाधीश वचस्पति मिश्रा की अदालत ने बुधवार को नाबालिग के साथ दुष्कर्म करने के आरोपी को 10 वर्ष के कारावास की सजा व 10 हजार के अर्थदंड से दंडित किया हैं।

गोंदिया और नागपुर ले गया था युवक –

अतिरिक्त जिला अभियोजन कर्ता कपिल कुमार डेहरिया ने बताया कि 03 जुलाई 2015 को 17 वर्षीय बालिका एडमिशन कराने के लिए स्कूल जा रही थी। इसी दौरान परसवाड़ा निवासी युवक सेवकराम (20) पिता रजलाल सहारे ने उसे बहला फुसलाकर अपहरण कर ले गया था। अपहरण के बाद युवक ने बालिका को गोंदिया व नागपुर ले जाकर उसके साथ दुष्कर्म किया था। जिसके बाद युवक बालिका को अपने मामा के घर पर रखे हुआ था।

इसे भी पढ़ें-  बजट से पहले PSU बैंकों को लेकर सरकार ने किया बड़ा एेलान

07 जुलाई को पुलिस ने किया दस्तायाब –

बालिका के गुम होने की रिपोर्ट परिजनों द्वारा हट्टा थाने में किए जाने के बाद पुलिस ने 07 जुलाई 2015 को बालिका को दस्तायाब कर उसके बयानों के आधार पर युवक के खिलाफ अपराध धारा 376, 363, 366, भादवि के तहत अपराध दर्ज कर मामले को न्यायालय में प्रेषित किया था।

इन धाराओं पर पड़ी सजा –

बालिका के साथ दुराचार करने के मामले में प्रथम सत्र न्यायाधीश की अदालत ने सेवकराम को आरोपी ठहराते हुए धारा 376 में 10 वर्ष का कठोर कारवास व 10 हजार के अर्थदंड से दंडित किया है। वहीं धारा 366 में पांच वर्ष का सश्रम कारावास व 1 हजार का अर्थदंड व धारा 363 में 2 वर्ष का कारावास व 1 हजार के अर्थदंड से दंडित किया हैं।

इसे भी पढ़ें-  महिला पत्रकार ने दरोगा पर लगाया गले लगाने की मांग करने का आरोप