फरवरी तक सक्रिय रहेगा स्वाइन लू का वायरस

जबलपुर। स्वाइन फ्लू के वायरस एच-1एन-1 का इस बार पिछले साल से 17 गुना ज्यादा असर है। सामान्य तौर पर यह नवंबर में सक्रिय होता है लेकिन इस बार अगस्त में ही एक्टिव हो गया। अब तक जिले में 77 लोगों को अपनी चपेट में ले चुका है। इनमें से 26 की मौत भी हो चुकी है। विशेषज्ञों के मुताबिक अब यह फरवरी तक सक्रिय रहेगा। खास बात यह है कि इस बार तापमान बढ़ने पर भी यह खत्म नहीं हो रहा है। इसलिए खतरा और ज्यादा बढ़ गया है। जिले में स्वाइन फ्लू के सक्रिय होने की पुष्टि 19 अगस्त को हुई। इसके बाद स्वास्थ्य विभाग सक्रिय हुआ और मरीजों के सेंपल लेकर जांच के लिए भेजे। सितंबर में इसका असर और बढ़ गया। पॉजिटिव मरीजों की सं या बढ़ गई। अक्टूबर में भी मरीज मिल रहे हैं। हर साल लू की वैक्सीन में 3 स्ट्रेन पाए जाते हैं। दो इन्फलूएंजा ए के स्ट्रेन व एक इन्फलूएंजा बी का स्ट्रेन। ये साल दर साल बदल सकते हैं।
ये देसी उपाय भी कारगर
काड़ा आयुर्वेदिक काड़े को तीन से पांच दिन पीना चाहिए। यह बीमारी से बचाव करता है। गिलोय पाउडर, तुलसी, काली मिर्च व गुड़ से मिलाकर बनाया जाता है।  कपूर- इसमें तीक्ष्ण गंध होती है। इसकी पुडिया बनाकर जेब में रखने से वायरस दूर हो जाता है, एक दम अटैक नहीं करता है।
ऐसा यूं होता है
देश में स्वाइन लू का वायरस यूएस से आया है। उसके बाद यह डेवलप होता गया। 10 से 14 डिग्री तापमान पर ज्यादा सक्रिय रहता है, जिन लोगों की रोग प्रतिरोधक क्षमता कम होती है, उन्हें यह आसानी से चपेट में ले लेता है। यह संक्रमणकारी होता है यानी मरीज के संपर्क में आने वाले स्वस्थ व्यक्ति को भी स्वाइन लू हो जाता है। इससे बचने का उपाय यह है भीड़ वाले स्थानों पर जाने से बचे। लोगों से हाथ नहीं मिलाए। सर्दी-खांसी या बुखार ठीक नहीं होने पर स्वाब की जांच करवाएं।
– डॉ. दीपक बरकड़े, मेडीकल जबलपुर

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