बर्तन बाजार को धरतेरस का इंतजार, नए स्टाक की भरमार

जबलपुर। नोटबंदी के कारण पिछले 10 माह से मंदी की मार झेल रहे बर्तन व्यापारियों को इस धनतेरस से अच्छे कारोबार की उ मीद है। व्यापारियों ने इस बार नया स्टॉक जमा किया है। उ मीद की जा रही है कि इसका लाभ ग्राहकों को भी मिलेगा और व्यापारियों को भी। पिछले साल तक बर्तनों पर 5 फीसदी वैट टैक्स था। अब बर्तन पर 12 फीसदी जीएसटी के दायरे में हैं। जाहिर है बढ़ा हुआ 7 फीसदी टैक्स ग्राहकों को ही देना होगा।कुछ वर्षों से धनतेरस पर खरीदारी कम हो गई है। लोग शगुन के तौर पर ही खरीदी करते हैं। नई वैरायटी आने से अच्छे कारोबार की उ मीद बंधी है। थर्मोवेयर की मांग कम हुई है जबकि कॉपर बेस बर्तनों की मांग बढ़ी है। बर्तन बाजार में दशहरे के साथ ही दो कारोबारी सीजन शुरू होते हैं। धनतेरस बाजार के लिए सबसे बड़ा बिजनेस इवेंट माना जाता है। इसके बाद शुरू होता है, शादी ब्याह का सीजन। नवंबर से फरवरी तक बड़ी सं या में विवाह होते हैं। इसे देखते हुए इस बार व्यापारियों ने नया स्टॉक जमा किया है। समय के साथ बाजार में बर्तनों की वैरायटी में भी बदलाव हुआ है। स्टील की थाली, गिलास, लोटा, च मच और कुकर जैसे परंपरागत बर्तनों के साथ अब कॉपर बेस बर्तनों की मांग भी बढ़ रही है।
महंगे हैं, फिर भी इनकी मांग अधिक
प्रमुख बर्तन व्यापारी विजय ताम्रकार के अनुसार तांबे के बर्तनों में भोजन पकाना स्वास्थ्य के लिए अच्छा माना जाता है। इस मान्यता के कारण लोग अब तांबे के बेस से बने बर्तन मांगने लगे हैं। डिजायनर बर्तनों को प्रति नग के हिसाब से बेचा जा रहा है। कुकर की नई वैरायटी की अच्छी मांग हैं। ऐसे कुकर भी बाजार में आ गए हैं जो कड़ाई का काम भी करते हैं। ढक्कन हटाने पर इसे कड़ाई के रूप में उपयोग किया जा सकता है। थर्मोवेयर एवं टपरवेयर की मांग भी बनी हुई है। हालांकि प्लास्टिक बेस की मांग कम हो रही है।
डिजायनर बर्तन गिफ्ट करने की परंपरा
व्यापारियों के मुताबिक बाजार में धनतेरस पर केवल शगुन के तौर पर अगरदान, पूजा की थाली, तांबे का लोटा एवं कटोरियां आदि की खरीदी करते हैं। इस दिन बड़़ी बिक्री कम ही होती है। पिछले कुछ समय से दीपावली पर डिजायनर बर्तन गिफ्ट करने की परंपरा शुरू हो गई है। बर्तन व्यापारियों को इसका लाभ मिल रहा है। बाजार को कारपोरेट सेक्टर, फाइनेंस कंपनियों, बैंकों एवं बड़ी संस्थाओं गिफ्ट पैक के आर्डर मिल रहे हैं। इससे बाजार की सेहत में सुधार हुआ है। गि ट के रूप में डिनर सेट, ट्रेवलिंग सेट, मिक्सर एवं हॉटपाट आदि की मांग अधिक है। कुछ वैरायटी कंपनियों से ही पैक होकर आ रही है।
       एक समय था जब हम धनतेरस की तैयारी एक माह पहले करते थे, अब तो त्यौहार औपचारिकता बनते जा रहे हैं। इस दिन केवल शगुन की खरीददारी होती है। मांगलिक सीजन से उ मीद है। जीएसटी और नोटबंदी का असर बाजार पर साफ देखा जा सकता है। मुनाफा कम हो गया है।
विजय ताम्रकार, बर्तन कारोबारी

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