फर्जी मतदाता मामले में चुनाव आयोग ने खारिज की कांग्रेस की शिकायत

भोपाल। प्रदेश की मतदाता सूची में 60 लाख फर्जी नाम होने के कांग्रेस के सनसनीखेज आरोप को चुनाव आयोग ने सिरे से खारिज कर दिया। बीते रविवार को कांग्रेस के वरिष्ठ नेता कमलनाथ, ज्योतिरादित्य सिंधिया, दिग्विजय सिंह, सुरेश पचौरी, विवेक तनखा, दीपक बाबरिया सहित अन्य नेताओं ने मुख्य चुनाव आयुक्त ओपी रावत से दिल्ली में मुलाकात कर दस्तावेजी प्रमाण सहित आरोप लगाए थे। भोपाल की नरेला, होशंगाबाद, सिवनी-मालवा और भोजपुर विधानसभा की मतदाता सूची का डाटा भी दिया था।

जांच-पड़ताल के बाद चुनाव आयोग ने शिकायत के तथ्यों को पुरानी मतदाता सूची के आधार पर होना बताया। साथ ही यह भी साफ कर दिया कि एक जैसे चेहरे वाले कई एंट्री होने के जो आरोप हैं उन पर आयोग पहले से काम कर रहा है। आयोग के सचिव राहुल शर्मा ने शुक्रवार को अखिल भारतीय कांग्रेस कमेटी को शिकायत का जवाब देते हुए कहा कि एक ही चेहरे के कई मतदाता, कई विधानसभा क्षेत्रों में एक ही नाम जैसे मामले पर आयोग पहले से कार्रवाई कर रहा है।

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हमने शिकायत पर जो मैदानी स्तर से सबूत एकत्र किए हैं और जो डाटा जुटाया है, उससे साफ है कि जो दावा किया गया था, वो सही नहीं है। फर्जी एंट्री हुई है, यह बिलकुल भी सही नहीं है। आयोग के पास एक जैसी एंट्री नाम, लिंग, रिश्ता, आयु और समान नाम की जांच के लिए अच्छा खासा तंत्र है।

संवैधानिक संस्थाओं को बदनाम करने की साजिश उजागर हो गई। कांग्रेस माफी मांगे।

– राकेश सिंह, भाजपा प्रदेश अध्यक्ष

कई लोगों के नाम समान हो सकते हैं आयोग ने कहा कि कई लोगों के समान नाम हो सकते हैं। इसका मतलब यह नहीं है कि कोई गड़बड़ी है। आयोग हमेशा से इस बात को लेकर सक्रिय रहा है कि मतदाता सूची पारदर्शी तरीके से बने। आयोग ने कहा कि यदि आप के पास कुछ और जानकारी है तो बता दें ताकि मैदानी स्तर पर परीक्षण करा लें।

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आबादी और मतदाता में कुछ भी असामान्य नहीं –

चुनाव आयोग ने अपने जवाब में यह भी कहा कि प्रदेश की आबादी और मतदाताओं की संख्या को लेकर जो आरोप लगाए थे, वे भी सही नहीं हैं। इसमें कुछ भी असामान्य नहीं है। 2008 में आबादी और मतदाता का अनुपात 52.76 प्रतिशत था जो 2018 में बढ़कर 61.45 प्रतिशत हो गया। मौजूदा मतदाता सूची में कोई विवादित चीज नहीं है। यही बात मुख्य निर्वाचन पदाधिकारी सलीना सिंह ने भी कही थी।

जांच के लिए पर्याप्त नहीं डाटा आयोग ने यह भी कहा कि शिकायत के साथ जो डाटा दिया गया वो जांच के लिए पर्याप्त नहीं है। दो-तीन पैमाने पर शिकायत की गई है। फिर भी हमने मध्यप्रदेश की मुख्य निर्वाचन पदाधिकारी को बोला है कि वे बड़े पैमाने पर शिकायत के आध्ाार पर सत्यापन कराएं। इसमें जो भी तथ्य सामने आएंगे, उसकी जानकारी भी दे देंगे।

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