जीतने की योग्यता के आधार पर ही टिकट दिया जाएगा-ज्योतिरादित्य सिंधिया

भोपाल। नवंबर में होने वाले विधानसभा चुनाव में कांग्रेस मेरिट के आधार पर प्रत्याशी तय करेगी। कांग्रेस सांसद और चुनाव अभियान समिति के अध्यक्ष ज्योतिरादित्य सिंधिया ने कहा कि इस चुनाव में टिकट नेताओं की सिफारिश पर नहीं, बल्कि दावेदारों की जीतने की योग्यता, कांग्रेस के आंतरिक सर्वे और सभी बड़े नेताओं के आपसी सामंजस्य के साथ तय किए जाएंगे।

विधानसभा चुनाव में टिकट बांटने का फार्मूला क्या होगा?

जीतने की योग्यता के आधार पर ही टिकट दिया जाएगा। हम इसके लिए एक आंतरिक सर्वे भी करा रहे हैं। अखिल भारतीय कांग्रेस कमेटी के सचिवों को संभागों की जिम्मेदारी दी गई है। 1 महीने संभागों में रहेंगे और टिकट के दावेदारों की हकीकत समझेंगे। इंटरनल सर्वे के नंबर, संगठन की तहकीकात और बड़े नेताओं के आपसी समन्वय के साथ टिकट तय किए जाएंगे।

हर बार कांग्रेस काफी देर से उम्मीदवारों की घोषणा करती है, क्या इस बार प्रत्याशी जल्दी घोषित किए जाएंगे?

  • हमारी कोशिश है कि इस बार प्रत्याशियों की घोषणा जल्दी कर दें। यह तय है कि इस चुनाव में टिकट नवंबर से पहले दिए जाएंगे।

पिछले कुछ चुनाव में सिफारिशी उम्मीदवारों की जमानत जब हुई है। क्या इस बार कोई जवाबदेही होगी?

  • टिकट चेक करने का कोई एक सिस्टम नहीं होगा। कई लेवल पर प्रत्याशियों की दावेदारी परखी जाएगी, इसलिए जवाबदेही तो सबकी होगी।
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 सोशल मीडिया पर भाजपा लगातार कांग्रेस नेताओं के वीडियो अपलोड कर रही है। इस लड़ाई में कांग्रेस कहीं पीछे छूट गई है?

  • कांग्रेस लगातार सोशल मीडिया पर सक्रिय है। पिछले 1 महीने में हमने काफी काम किया है। भाजपा ने सोशल मीडिया पर कांग्रेस नेताओं के कुछ कार्टून बनाकर मजाक उड़ाने की कोशिश की है। भाजपा अभी कांग्रेस नेताओं का मजाक बना रही है, चुनाव में जनता भाजपा का मजाक बनाएगी।

कांग्रेस चुनाव के लिए क्या बहुजन समाज पार्टी और समाजवादी पार्टी के साथ गठबंधन करेगी?

  • यह हमारा विश्वास है कि जितनी भी समान विचारधारा वाली पार्टियां हैं उन्हें एक मंच पर आना चाहिए। एक न्यूनतम साझा कार्यक्रम के तहत सभी दलों को मिलकर काम करना चाहिए। हम चाहते हैं कि यह रिश्ता विश्वास का हो, लाभ के लिए नहीं। यह देखना पड़ेगा कि किस प्रदेश में कौन-सा दल लीड रोल में है, उसे वैसी भूमिका मिलनी चाहिए। जहां तक पिछले चुनाव में बसपा के वोट की वजह से कांग्रेस की हार का सवाल है तो मैं सिर्फ यह कह सकता हूं कि हमें अपना घर मजबूत करने की चिंता है। भाजपा तो चाहती ही यही है कि आपका घर टूटे।
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 चुनाव में किस आधार पर या किस रणनीति के साथ जनता से वोट मांगेंगे?

  • हम सिर्फ भाजपा की कमियां गिनाकर वोट नहीं लेना चाहते। कांग्रेस एक पॉजिटिव विचार के साथ मतदाताओं से वोट मांगेगी। हमें सिर्फ एंटी इन्कमबेंसी के वोट नहीं बल्कि प्रो-कांग्रेस वोट चाहिए।

आरक्षण को लेकर आपकी क्या राय है?

  • आजादी के वक्त भारत में पूंजी और संसाधन सिर्फ कुछ लोगों के हाथ में थे। आज इस पर सबका बराबर का अधिकार है। कई वर्ग ऐसे हैं जिन पर सदियों से अत्याचार हो रहा था। उन्हें ज्यादा मौके दिए जाना जरूरी है। यदि टैलेंट है तो किसी को आरक्षण की जरूरत नहीं है। नारायण मूर्ति और उनके साथियों ने सिर्फ 5 लाख रुपए से कंपनी शुरू की थी और आज उस का टर्नओवर हजारों करोड़ रुपए में है। यह साबित करता है कि किसी भी टैलेंट को आरक्षण की वजह से नुकसान नहीं होता।

क्या इलेक्ट्रॉनिक वोटिंग मशीन विश्वसनीय है?

  • इस सवाल से 2 सवाल और जुड़े हैं। पहला सवाल यह है कि क्या ईवीएम में टेंपरिंग हो सकती है? इसका जवाब है हां, मोबाइल कंप्यूटर हैंग हो सकते हैं तो ईवीएम में बहुत आसानी से टेंपरिंग हो सकती है। दूसरा सवाल है कि क्या इतने बड़े पैमाने पर एक साथ यह काम किया जा सकता है? तो इसका जवाब मेरे पास नहीं है।
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सवाल- कांग्रेस सरकार में आएगी तो किसानों के लिए क्या योजना रहेगी?

  • कांग्रेस हमेशा किसानों को उनकी फसल का उचित मूल्य देने की कोशिश करती रही है। कांग्रेस सरकार ने किसानों की फसल का समर्थन मूल्य 14 फीसदी बढ़ाया था, जबकि भाजपा की सरकार में सिर्फ 3 फीसदी बढ़ा है। इस देश के अन्न्दाता के लिए कांग्रेस में कभी कोई कसर नहीं छोड़ी।

जनता यदि सरकार से नाराज है तो उसे कांग्रेस के पक्ष में करने को लेकर क्या रणनीति है?

  • हम जनता के सामने अगले 5 से 10 साल का एक विजन रखेंगे और बताएंगे कि अगले कुछ सालों में मध्यप्रदेश में क्या-क्या होगा। यह विजन बहुत लंबा नहीं होगा, बहुत संक्षेप में एक कागज पर जनता को बताया जाएगा कि कांग्रेस आएगी तो क्या होगा।

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