मध्यप्रदेश में प्री मानसूनी बारिश के साथ आकाशीय बिजली का कहर, 7 की मौत, 9 झुलसे

प्रादेशिक डेस्क। विंध्य के सतना, सीधी और रीवा में बुधवार को बारिश के बीच आकाशीय बिजली गिरने से दंपती समेत सात लोगों की मौत हो गई। सतना में चार और सीधी में दो की मौत हो गई और तीन झुलस गए। रीवा में भी गाज से एक की मौत और 6 लोग झुलसे हैं। घायलों को जिला अस्पताल में भर्ती कराया गया है।

पहली घटना सतना के सभापुर के पिपरी टोला में हुई। रामनरेश प्रजापति (32) दोपहर 2 बजे पत्नी सरिता (30) के साथ ईंट भठ्ठा में काम कर रहा था। तभी तेज बारिश होने लगी। बारिश से बचने दोनों आम के पेड़ के नीचे जाकर खड़े हो गए। इसी दौरान पेड़ पर गाज गिर गई। दोनों को बिड़ला अस्पताल लाया गया जहां डाक्टरों ने दोनों को मृत घोषित कर दिया। दूसरी घटना बरौंधा के ग्राम पंचायत पडरी के कबरी टोला में हुई।

इसे भी पढ़ें-  भारत से ज़्यादा खुश हैं पाकिस्तान और नेपाल के लोग: रिपोर्ट

सिपाही लाल वर्मा (60) अपने पोते दिलीप वर्मा (20) के साथ खेत में आम तोड़ने गया था। तभी आकाशीय बिजली गिर गई और दोनों की मौके पर ही मौत हो गई। सीधी में अमिलिया के हिनौती गांव में प्रदीप पटेल (32) और सुनीता (16) बारिश से बचने पेड़ के नीचे खड़े हो गए। इसी दौरान आकाशीय बिजली गिरी और दोनों की मौत हो गई। रीवा के माड़ो गांव में गाज से आदिवासी परिवार के 6 लोग घायल हुए हैं। रीवा में भी एक व्यक्ति की गाज गिरने से मौत हो गई।

पानसेमल में दीवार गिरी, दो की मौत

मालवा-निमाड़ अंचल। मंगलवार रात और बुधवार को मालवा-निमाड़ अंचल में कई जगह आंधी के साथ बारिश हुई। बड़वानी के पानसेमल में मंगलवार रात 11.30 बजे तीन मंजिला निर्माणाधीन मकान की दीवार पड़ोसी परिवार की पतरे की छत पर जा गिरी। इससे सो रही दादी हीराबाई (70) पति वामन और पोती माही (1) पिता विजय की मौत हो गई और परिवार के 5 लोग घायल हो गए। ग्राम हिंदली में बिजली गिरने से 13 मवेशियों की जान चली गई।

इसे भी पढ़ें-  अध्यापकों का स्कूल शिक्षा विभाग में संविलियन

खंडवा जिले के मोरटक्का में दो बड़े पेड़ धराशायी होने से इंदौर रोड पर जाम लग गया। इससे मार्ग पर दोनों ओर दोपहर 4 से शाम 6.30 तक वाहनों की कतार लग गई। बाद में पेड़ हटाकर यातायात चालू करवाया गया। जिले के खेड़ीघाट में एक मकान की छत उड़ गई। थापना, कोठी, मोरघड़ी, भोगावा में भी कई मकानों के टीन उड़ गए।

बुरहानपुर में बुधवार शाम आधे घंटे तेज हवा के साथ हुई बारिश से केले की फसल को नुकसान पहुंचा है। शाहपुर के पास इंदौर-इच्छापुर मार्ग पर पेड़ गिरने से कुछ देर यातायात भी प्रभावित रहा। खरगोन में बुधवार दोपहर आंधी के बाद 15 मिनट बारिश हुई।

इसे भी पढ़ें-  मप्र सरकार ने राज्य के कर्मचारियों का DA दो फीसदी बढ़ाया

इससे पटेल नगर और टीआईटी कॉम्प्लेक्स परिसर में दो पेड़ धराशायी हो गए। धरना दे रहे वन कर्मचारियों और सहायक सचिवों का पंडाल भी उखड़ गया। कसरावद क्षेत्र के नारायणपुरा में मंगलवार रात बिजली गिरने से 6 मवेशियों की मौत हो चुकी है। मंगलवार सुबह से बुधवार सुबह तक जिले में करीब 3 इंच बारिश दर्ज की गई।

उज्जैन: कई क्षेत्रों में बिजली गुल

उज्जैन शहर और जिले में कुछ स्थानोंं पर बुधवार शाम हवा 12 किमी प्रति घंटे की रफ्तार से चली हवा के साथ बारिश हुई। कई क्षेत्रों में बिजली गुल हो गई।

धार जिले के बदनावर में बारिश से लहसुन-प्याज के 20 हजार कट्टे भीग गए। रतलाम के सिमलावदा में शाम करीब 7 बजे 10 से 15 मिनट बादल बरसे।

Leave a Reply