सिहोरा में लोकायुक्त की कार्रवाई, खरीदी केंद प्रभारी, कम्यूटर आपरेटर और पटवारी रिश्वत लेते ट्रेप

जबलपुर, सिहोरा। सिहोरा में आज सुबह उस वक्त हड़कम्प मच गया जब लोकायुक्त ने 30 सरकारी मुलाजिमों को रिश्वत लेते धर दबोचा।  गुरुवार की दोपहर को लोकायुक्त की टीम ने दो जगहों पर छापेमारी करते हुए अधिकारियों को रँगे हांथो पकड़ा। जानकारी के अनुसार राजस्व अमले से लेकर मंडी खरीदी प्रभारी तक किसानों से रिश्वत लेते थे यह जिम्मेदार।

शिकायत मिलने पर लोकायुक्त ने मंडी खरीदी प्रभारी और कंप्यूटर आपरेटर खरीदी केंद्र परिसर में ही रुपये लेते दबोच लिया जबकि तहसील मुख्यालय में पटवारी अपने सहयोगी के साथ नई बही बनाने के एवज में रुपये लेते रंगे हाँथ पकड़े गए हैं।

अंदाजा लगाया जा सकता है कि किसानों के लिए कोई भी योजना सिर्फ कागजी तौर पर चल रही हैं जबकि इनके अधीनस्थ कर्मचारी किसानों के कोई भी काम बिना रिश्वत लिए नही करते हैं।

भावान्तर भुगतान योजना में चना की जल्द तौल कराने के बदले किसान से रूपए लेने वाले  विणणन सहकारी समिति सिहोरा के खरीदी प्रभारी और कम्प्यूटर ऑपरेटर को लोकायुक्त की टीम ने गुरूवार को रिश्वत लेते गिरफ्तार किया। लोकायुक्त टीम ने कार्रवाई कृषि उपज मंडी सिहोरा में दोपहर दो बजे के लगभग की। आरोपितों के खिलाफ भ्रष्टाचार निवारण अधिनियम के तहत मामला दर्ज किया है।

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लोकायुक्त उप पुलिस अधीक्षक जेपी वर्मा ने बताया कि ग्राम सिलुआ निवासी किसान आशीष कुमार राजपूत ने भावान्तर भुगतान योजना के तहत पंजीयन कराया था। कृषि उपज मंडी सिहोरा में विपणन सहकारी समिति चना की सरकारी खरीदी कर रही थी। किसान 42 क्विंटल लेकर विपणन सहकारी समिति में बेचने लेकर पहुंचा था। चना की जल्द तौल कराने के एवज में खरीद प्रभारी अवधेश चौबे ने किसान से ८ हजार रूपए और ऑपरेटर सनत कुमार तिवारी ने एंट्री करने के बदले एक हजार रिश्वत की मांग की।  किसान ने रूपए देने से साफ इंकार कर दिया। तौल नहीं होने से परेशान किसान ने सोमवार को लोकायुक्त जबलपुर में मामले की शिकायत की। जिसके बाद आज

लोकायुक्त ने कार्यवाही की सहकारी विपणन समिति सिहोरा के प्रभारी अधिकारी पुनीत तिवारी ने तत्काल कार्यवाही करते हुए खरीदी प्रभारी अवधेश चौबे एवम कम्प्यूटर आपरेटर सनत कुमार तिवारी को पद से हटाने की कार्यवाही की है।

 हंगामे का डर, थाने में टीम ने कार्रवाई कराई

शिकायत के आधार पर लोकायुक्त ने किसान को रिश्वत की रकम 8 हजार (पांच-पांच सौ के 16 नोट) खरीदी प्रभारी को गुरूवार दोपहर देने की योजना बनाई। दोपहर करीब 3 बजे के लगभग किसान आशीष राजपूत कृषि उपज मंडी पहुंचा। उसने पावडर लगे नोट खरीदी प्रभारी अवधेश चौबे को दिए, उसी समय पहले से तैयार खड़ी लोकायुक्त टीम के निरीक्षक ऑस्कर किंडो, आरक्षक सुरेंद्र भदौरिया, आर बिहारी तिवारी, भूपेन्द्र, राकेश कुमार ने खरीदी प्रभारी को दबोच लिया। कार्रवाई के दौरान हंगामे के डर से टीम आरोपित अवधेश चौबे और ऑपरेटर सनत कुमार तिवारी को सिहोरा थाने लेकर पहुंची। आरोपित खरीदी प्रभारी के हाथ धुलाते ही गुलाबी रंग से रंग गए। लोकायुक्त टीम ने खरीदी प्रभारी, ऑपरेटर की शर्ट जब्त करते धारा 7, 13 (ए) डी, 13 (2) भ्रष्टाचार अधिनियम के तहत मामला दर्ज किया।

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इधर दो हजार रूपए की रिश्वत लेते पटवारी पकड़ाया

दूसरे मामले में लोकायुक्त टीम ने गुरूवार देर शाम सिहोरा तहसील कार्यालय के चेम्बर में दबिश देकर पटवारी दो हजार रूपए की रिश्वत लेते रंगे हाथों गिरफ्तार किया। आरोपित पटवारी रिश्वत जमीन की नई बही बनवाने के बदले ले रहा था। मामले में लोकायुक्त ने पटवारी बलिराम बर्मन के असिस्टेंट को भी हिरासत में लिया है। दोनों के खिलाफ भ्रष्टाचार अधिनियम के तहत मामला पंजीबद्ध किया है।

डीएसपी लोकायुक्त दिलीप झरवड़े ने बताया कि शंकर नगर करमेता निवासी राम मनोहर सोनी के पिता गंगाराम सोनी जमीन बुधारी गांव में थी। पटवारी हल्का नंबर 83/33 में स्थित करीब चार एकड़ खेतिहर भूमि की नई बही बनवाने के लिए राम मनोहर सोनी ने हल्का पटवारी बलीराम बर्मन को दी थी। नइ बही बनाने के बदले ने पटवारी ने राम मनोहर सोनी से तीन हजार रूपए की रिश्वत की मांग की। आखिरकार मामला दो हजार रूपए में तय हो गया। इस बीच राम मनोहर सोनी ने मामले की शिकायत लोकायुक्त जबलपुर आफिस में कर दी। लोकायुक्त टीम ने पूरी जांच करने के बाद पावडर लगाकर दो हजार रूपए पटवारी को देने के लिए राममनोहर को दे दिए। तय समय के मुताबिक शाम छह बजे के लगभग रामनोहर सिहोरा तहसील कार्यालय स्थित पटवारी बलीराम के चेम्बर पहुंचा। रामनोहर ने पांच-पांच सौ के चार नोट निकालकर जैसे ही पटवारी को दिए। उसी समय इंस्पेक्टर मनोज गुप्ता, गोविंद ङ्क्षसह, पंकज तिवारी, रविन्द्र सिंह पहुंच गए। प्लास्टिक के डिब्बे में भरे पानी में हाथ डालते ही पानी का रंग गुलाबी हो गया। लोकायुक्त टीम ने पटवारी के असिस्टेंट चंदन दाहिया को भी हिरासत में ले लिया है।

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