CBSE में नया विवाद-भाजपा के उदय और कांग्रेस के पतन का पाठ सिलेबस में पढ़ेंगे छात्र

वेब डेस्‍क । सेंट्रल बोर्ड ऑफ सेकेंडरी एजुकेशन (सीबीएसई) कक्षा बारहवीं राजनीति विज्ञान के स्टूडेंट नए सत्र से भाजपा का उदय और कांग्रेस के पतन पर आधारित नया पाठ्यक्रम पढ़ेंगे। स्वतंत्र भारत में राजनीति पार्ट-2 नामक विषय में इंदिरा गांधी, कांग्रेस, इमरजेंसी का दौर, अयोध्या विवाद से लेकर वर्तमान में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की राजनीति से जुड़े ज्ञान अर्जित करेंगे।

जिले के दो दर्जन से अधिक स्कूलों के लगभग दो हजार स्टूडेंट राजनीति को नए सिरे से समझेंगे। यह पाठ्यक्रम छत्तीसगढ़ समेत देश के 18 राज्यों में लागू होगा। किताब में एनसीईआरटी ने सारे पहलुओं को शामिल करने का दावा किया है।

किताब में ग्राफिक्स के माध्यम से ये भी जानेंगे कि कैसे 1984 से 2014 तक के हर लोकसभा चुनावों के साथ कांग्रेस नीचे की तरफ गई और भाजपा ने अपने स्तर में बढ़ोतरी की। इसे एक नई सहमति का उदय नाम दिया गया है।

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इसी तरह 16वीं लोकसभा में विभिन्न दलों की स्थिति और भारतीय जनता पार्टी के 281 सीट लेकर जीत का ऐतिहासिक रिकॉर्ड बनाने को भी ग्राफिक्स से दिखाया गया है। 1989 के चुनाव में कांग्रेस की हार के साथ किसी दूसरी पार्टी को चुनाव में बहुमत नहीं मिला था।

किताब में इसे कांग्रेस का पतन का नाम दिया गया है। क्योंकि इसी हार के बाद उसका दबदबा खत्म होकर बहुदलीय शासन-प्रणाली का युग शुरू हुआ। बोर्ड ने इसे लेकर पहले ही स्कूलों को अवगत करा दिया है।

चरखी में आडवानी, करुणानिधि व महंत

एनसीईआरटी कि किताब में बताया गया कि शुरुआत में चरखी पर बडे राजनीतिक चेहरों को दिखाया गया है। छात्रों को अयोध्या मामले से जुडे घटनाक्रम के बारे में भी बताया जाएगा। दिसंबर 1992 में अयोध्या में बाबरी मस्जिद ध्वंस का विवाद हुआ।

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इसी दौरान देश में राष्ट्रवाद और धर्मनिरपेक्षता पर बहस तेज हुई। इन बदलावों का संबंध भाजपा के उदय और हिंदुत्व की राजनीति से भी जोडा गया है। किताब में राजीव गांधी, वीपी सिंह, एलके आडवाणी, चंद्रशेखर, ज्योति बसु, एनटी रामाराव, देवीलाल, पीके महंत, के. करुणानिधि को दिखाया गया है।

कट्टरपंथी संगठनों को लेकर विस्तार

राजनीति विज्ञान पार्ट-2 में दिखाया गया कि भाजपा वर्तमान मोदी सरकार के काल में ही मुस्लिम महिला हितैषी नहीं है, बल्कि 1985 में भी शाहबानो मामले में भी उसने पीड़िता का साथ दिया था।

मामले में मुस्लिम महिला शाहबानो ने भूतपूर्व पति से गुजारा भत्ता हासिल करने के लिए अदालत से गुहार लगाई थी। बाद में फैसला शाहबानो के पक्ष में आया, लेकिन कट्टरपंथी मुस्लिम संगठनों ने अदालत का फैसला बदलवा दिया। तब भाजपा कांग्रेस सरकार के खिलाफ खडी हुई थी।

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किताब के भीतर यह भी है खास

केंद्रीय विद्यालय के एक टीचर ने बताया कि पेज नंबर 178 पर एक कार्टून है, जिसमें 1971 के चुनाव में इंदिरा गांधी को सबसे ऊंचा और अटल बिहारी वाजपेयी को नीचे दिखाया गया है, जबकि 1999 में प्रधानमंत्री बने वाजपेयी को अपने गठबंधन संग सबसे ऊंचा कद दिखाया गया है तो सोनिया गांधी सबसे नीचे हैं।

पेज नंबर 179 में छात्रों को 1989 से लेकर 2014 तक के प्रधानमंत्रियों के बारे में जानकारी मिलेगी, जिसमें वीपी सिंह से लेकर नरेंद्र मोदी शामिल हैं। पेज नंबर 184 में सांप्रदायिकता, धर्मनिरपेक्षता व लोकतंत्र के अध्याय में लिखा है कि वीडी सावरकर ने हिंदुत्व को परिभाषित किया।

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