कर्नाटक: BJP ने जारी की 72 उम्मीदवारों की लिस्ट, जानिये किसे कहां से मिला मौका

राजनीतिक डेस्क। भारतीय जनता पार्टी ने अगले महीने होने वाले कर्नाटक विधानसभा चुनाव के लिए 72 उम्मीदवारों की पहली लिस्ट जारी कर दी है. बीजेपी ने अपने मुख्यमंत्री पद के उम्मीदवार बीएस येदियुरप्पा को शिकारीपुरा से अपना उम्मीदवार बनाया है. यह सीट येदियुरप्पा के बड़े बेटे बीवाय राघवेंद्र ने अपने पिता के लिए खाली की है. उम्मीद जताई जा रही है कि वह इस बार रनेबेन्नुर सीट से चुनाव लड़ेंगे, फिलहाल इस सीट पर उम्मीदवार के नाम की घोषणा नहीं की गई है.

कर्नाटक के सीएम सिद्धारमैया मैसूर के चामुंडेश्वरी सीट पर चुनाव लड़ने वाले हैं, बीजेपी ने फिलहाल इस सीट पर उम्मीदवार के नाम की घोषणा नहीं की है. वहीं सिद्धारमैया की वर्तमान सीट वरुणा से उनके बेटे यतींद्र चुनाव लड़ने वाले हैं. इस सीट पर भी बीजेपी ने अपना उम्मीदवार खड़ा नहीं किया है.

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बता दें कि कर्नाटक में 12 मई को विधानसभा चुनाव होने हैं और 15 मई को चुनाव के नतीजे घोषित किए जाएंगे. कर्नाटक कांग्रेस 224 सदस्यीय विधानसभा के लिए सभी उम्मीदवारों की घोषणा 15 अप्रैल तक एक ही बार में करेगी. पार्टी की स्क्रीनिंग कमेटी की बैठक 9 और 10 अप्रैल को होगी. केंद्रीय चुनाव कमेटी की बैठक उसके बाद होगी. विधानसभा चुनाव के लिए पार्टी उम्मीदवारों की सूची 15 अप्रैल तक जारी होगी.

यहां देखें उम्मीदवारों की लिस्टः

बीजेपी ने उम्मीदवारों की पहली लिस्ट जारी की है.
बीजेपी-कांग्रेस में कांटे की टक्कर
कर्नाटक चुनाव के लिए मुख्यमंत्री सिद्धारमैया की अगुवाई वाली कांग्रेस सरकार ने एक साल पहले ही तैयारी शुरू कर दी थी ताकि विपक्षी दलों को बैकफुट पर धकेला जा सके. सत्ता में आने के लिए शुरुआत में मुख्य विपक्षी दल बीजेपी बीएस येदियुरप्पा पर निर्भर थी. लेकिन पिछले तीन महीनों में बीजेपी ने अपने रुख में बदलाव करते हुए केंद्रीय नेताओं और राष्ट्रीय एजेंडे पर फोकस किया है. BSY (येदियुरप्पा) फैक्टर बीजेपी के लिए ज़्यादा कारगर साबित नहीं हो रही है.

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बीजेपी ने उम्मीदवारों की पहली लिस्ट जारी की है

पिछले दो विधानसभा चुनावों के मुकाबले इस बार का चुनावी मुद्दा बिल्कुल अलग है. 2008 में बीजेपी ने येदियुरप्पा के नेतृत्व में चुनाव लड़ा और जेडीएस पर ‘विश्वासघात’ का आरोप लगाते हुए बड़ी जीत हासिल की थी. 2013 में कांग्रेस ने बीजेपी पर बड़े पैमाने पर भ्रष्टाचार के आरोप लगा कर जीत हासिल की. इस बार के चुनाव में नए मुद्दे सामने आए हैं. मुख्यमंत्री सिद्धारमैया विकास के नाम पर चुनाव लड़ रहे हैं. इसके अलावा वो अल्पसंख्यक समुदाय लिंगायत को भी चुनावी मुद्दा बना रहे हैं.

बीजेपी ने उम्मीदवारों की पहली लिस्ट जारी की है.
बीजेपी और कांग्रेस के अलावा पूर्व प्रधानमंत्री एचडी देवेगौड़ा की जनता दल-सेक्युलर (जेडीएस) भी अपनी किस्मत आजमा रही है. जेडीएस पिछले 11 साल से सत्ता से बाहर है. ऐसे में एक और हार से जेडीएस का सफाया हो सकता है.

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